राहुल गांधी की सांसदी खत्म करना गलत, 2024 के लिए मुकाबले में नहीं कांग्रेस: प्रशांत किशोर
राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता समाप्त किए जाने को प्रशांत किशोर ने गलत बताया है। चुनावी रणनीतिकार ने कहा कि राहुल गांधी को सजा के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील के लिए वक्त मिलना चाहिए था।

मानहानि के मामले में दो साल की सजा मिलने के बाद राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता समाप्त किए जाने को प्रशांत किशोर ने गलत बताया है। चुनावी रणनीतिकार ने कहा कि राहुल गांधी को सजा के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील के लिए वक्त मिलना चाहिए था। 'आज तक' टीवी चैनल से बातचीत में प्रशांत किशोर ने कहा कि राहुल को संसद की सदस्यता से अयोग्य करार देना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को अपील करने के लिए वक्त देना चाहिए था। यही नहीं पीके ने इस दौरान कांग्रेस के कमजोर होने की बात भी कही है। उन्होंने कहा कि 2024 के आम चुनाव में एक ही साल बचा है और साफ दिख रहा है कि कांग्रेस कमजोर है।
चुनावी रणनीतिकार ने कहा कि मैंने कांग्रेस को सलाह दी थी कि यदि वे चुनाव जीतना चाहते हैं तो जमीनी स्तर पर काम करें। भले ही इसमें 5 से 10 साल लगें, लेकिन जमीन पर उतरना ही होगा। प्रशांत किशोर ने कहा कि कांग्रेस बेहद कमजोर है, लेकिन ऐसा नहीं है कि वह भाजपा से मुकाबला नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि 2019 में 38 फीसदी वोट भाजपा को मिले थे यानी 100 में से 62 लोग उनके साथ नहीं थे। साफ है कि यदि कोई इन 62 लोगों को साथ ले आए तो स्थिति बदल भी सकती है।
1984 के बाद से अब तक कांग्रेस अपने दम पर जीत नहीं पाई
चुनावी रणनीतिकार ने कहा कि 1984 के बाद से आज तक कांग्रेस अपने दम पर जीती नहीं है, लेकिन इसी पार्टी ने वाजपेयी जैसे लोकप्रिय नेता को गठबंधन करके हराया था। भाजपा के पास मोदी जैसा नेता होने के सवाल पर पीके ने कहा कि कांग्रेस के पास भी तो इंदिरा गांधी थीं। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि कोई किसी को हरा नहीं सकता। प्रशांत किशोर ने कहा कि कांग्रेस जो कर रही है, उससे उन्हें सफलता नहीं मिलने वाली है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ट्विटर से तो लड़ाई नहीं लड़ पाएगी। सबको दिख रहा है कि कांग्रेस कमजोर स्थिति में है।
'कर्नाटक के चुनाव से पता चलेगा कितनी मजबूत है कांग्रेस'
उन्होंने कहा कि कर्नाटक का चुनाव होने वाला है और वहां पता चल जाएगा कि कांग्रेस कितनी मजबूत है। यहीं पर यह भी पता चल जाएगा कि राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा का कितना फायदा हुआ। उन्होंने कहा कि यहां राहुल गांधी पैदल चले भी हैं और पार्टी का संगठन मजबूत भी है। अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव में विपक्ष कोई चेहरा और तैयारी ना होने के सवाल पर पीके ने कहा कि 2013 में क्या किसी को पता था कि 2014 में नरेंद्र मोदी इतनी बड़ी जीत हासिल कर पाएंगे। नरेंद्र मोदी जून 2013 में कैंपेन कमेटी के मुखिया बने थे और एक साल से कम का ही वक्त बचा था। लेकिन जो नतीजे आए, वह सबके सामने हैं।
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