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मुझे आमंत्रण की जरूरत नहीं, रामलला के दर्शन करने से जाऊंगा; बोले उद्धव ठाकरे

शिवसेना यूबीटी के चीफ उद्धव ठाकरे का कहना है कि उन्हें राम मंदिर जाने के लिए किसी आमंत्रण की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि जब वह चाहेंगे तब रामलला के दर्शन करने पहुंच जाएंगे।

Ankit Ojha एजेंसियां, मुंबईSat, 30 Dec 2023 05:01 PM
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मुझे आमंत्रण की जरूरत नहीं, रामलला के दर्शन करने से जाऊंगा; बोले उद्धव ठाकरे

अयोध्या में 22 जनवरी को राम मंदिर के उद्घाटन समारोह में शिवसेना (यूबीटी) चीफ और पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को न्योता नहीं दिया गया है। इसपर उन्होंने कहा, राम लला हमारे भी हैं। मैं जब चाहूं अयोध्या जा सकता हूं। मैं अब भी जा सकता हूं और कल भी जा सकता हूं। जब मैं मुख्यमंत्री बना तब भी मैं अयोध्या गया और उससे पहले भी गया। हां हमें कोई आमंत्रण नहीं मिला और ना ही उसकी कोई जरूरत है। मेरा बस एक आग्रह है कि इस कार्यक्रम का राजनीतीकरण ना किया जाए। बता दें कि 22 जनवरी के कार्यक्रम के लिए एमएनएस चीफ राज ठाकरे को बुलाया गया है लेकिन उद्धव ठाकरे को आमंत्रित नहीं किया गया है। 

उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर तंज कसते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा, जिन लोगों ने बाबरी मस्जिद ढहाई, वे आज नहीं हैं। हो सकता है कि जब मस्जिद ढहाई गई थी तब कुछ लोग स्कूल की पिकनिक पर गए रहे हों। बता दें कि हाल ही में देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि वह कई बार कारसेवा में शामिल हुए थे और उन्हें जेल जाना पड़ा था। 

बता दें कि राम मंदिर में होने वाली प्राण प्रतिष्ठा के लिए आमंत्रण भी राजनीतिक चर्चा का विषय बना हुआ है। वहीं मंदिर प्रबंधन का कहना है कि व्यवस्था को देखते हुए कम से कम लोगों को ही आमंत्रण भेजा गया है। यहां तक कि राज्यों के मुख्यमंत्रियों औऱ राज्यपालों को भी नहीं बुलाया गया है। लेकिन सभी राजनीतिक दलों के प्रमुखों को बुलाया गया है। अब विरोधी दलों के लिए असमंजस की स्थिति बन गई है कि उन्हें इस कार्यक्रम में जाना है कि नहीं। अब तक कांग्रेस ने अपना स्टैंड साफ नहीं किया है। संभव है कि सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और अधीर रंजन चौधरी इस कार्यक्रम में शामिल हों। 

सीपीएम के महासचिव सीताराम येचुरी ने आमंत्रण को स्वीकार नहीं किया है और कहा है कि उनका मानना है धर्म एक निजी बात है और इसे राजनीतिक लाभ के लिए मशीनरी के तौर पर नहीं इस्तेमाल करना चाहिए। वहीं शिवसेना यूबीटी ने उद्धव ठाकरे को आमंत्रण ना देने के लिए मंदिर प्रबंधन की आलोचना की है। शिवसेना का कहना है कि राम मंदिर में बालासाहेब ठाकरे के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। संजय राउत ने कहा कि भाजपा ने रामलला को किडनैप कर लिया है। राउत ने कहा, जब 1992 में ढांचा तोड़ा गया तो भाजपा ने बाल ठाकरे पर आरोप लगाया था औऱ उन्होंने इसकी जिम्मेदारी भी ले ली थी। 


 

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