महाराष्ट्र में विपक्षी गठबंधन ने विधानसभा चुनाव की तैयारी तेज कर दी है। उद्धव सेना, कांग्रेस और शरद पवार ने लोकसभा चुनाव वाले पैटर्न पर ही आगे बढ़ने पर सहमति जताई है। सीएम फेस घोषित नहीं होगा।
लोकसभा में अच्छे नतीजों से उत्साहित शिवसेना (उद्धव ठाकरे) ने अब विधानसभा के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। यही नहीं उद्धव ठाकरे गुट अब चुनाव में मराठा कार्ड चलना चाहता है। इसके लिए बिल की तैयारी है।
उन्होंने केंद्र की भाजपा सरकार की तुलना तीन पैरों वाले रिक्शा से की। पिछली एमवीए सरकार का वर्णन करने के लिए देवेंद्र फडणवीस भी इसी तरह के शब्दों का इस्तेमाल कर रहे थे।
देवेंद्र फडणवीस ने दावा किया कि अल्पसंख्यकों का समर्थन हासिल करने के लिए पिछले छह महीनों में उद्धव ठाकरे ने अपने भाषणों की शुरुआत ‘मेरे हिंदू भाइयों और बहनों’ के साथ करना बंद कर दिया था।
Shiv Sena and RSS: आलेख में सेना ने लिखा है कि संघ भाजपा का मातृ संगठन है। भाजपा को वर्तमान स्थिति में लाने के लिए संघ के स्वयंसेवकों ने कड़ी मेहनत की। संघ वहां पहुंच गया है जहां भाजपा नहीं पहुंची।
भगवान राम अपने वनवास के दौरान पत्नी सीता और अपने भाई लक्ष्मण के साथ पंचवटी में रुके थे। 1930 में, डॉ. अम्बेडकर ने कालाराम मंदिर में दलितों के प्रवेश की मांग को लेकर एक विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया।
शिवसेना यूबीटी के चीफ उद्धव ठाकरे का कहना है कि उन्हें राम मंदिर जाने के लिए किसी आमंत्रण की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि जब वह चाहेंगे तब रामलला के दर्शन करने पहुंच जाएंगे।
Maharashtra Politics: विधानसभा स्पीकर राहुल नार्वेकर को 31 दिसंबर का अल्टीमेटम दे दिया है। शीर्ष न्यायालय का कहना है कि बागी विधायकों को लेकर दायर याचिकाओं पर दिसंबर के अंत तक फैसला लें।
शरद पवार पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टिप्पणी उद्धव ठाकरे को नागवार गुजरी है। मामले में प्रतिक्रिया देते हुए महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने पूछा- आपने क्या किया है?
संजय सिंह की गिरफ्तारी के मामले में आम आदमी पार्टी को कांग्रेस और उद्धव सेना का भी समर्थन मिला है। आदित्य ठाकरे ने कहा कि यह सरकार सच बोलने वालों को सजा दे रही है और उन्हें जेलों में डाला जा रहा है।