शिवसेना मामला: पार्टी के नाम, चुनाव चिह्न के उपयोग पर रोक के खिलाफ हाई कोर्ट पहुंचे उद्धव
शिवसेना के नाम और चुनाव चिह्न निर्वाचन आयोग के अंतरिम आदेश के खिलाफ ठाकरे की याचिका को हाई कोर्ट की एकल पीठ ने खारिज कर दिया था। जिसके बाद अब उद्धव ठाकरे ने हाई कोर्ट में अपील दायर की है।

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने शिवसेना के नाम और चुनाव चिह्न मामले में एकल पीठ के फैसले के खिलाफ मंगलवार को दिल्ली हाई कोर्ट में अपील दायर की। शिवसेना के नाम और चुनाव चिह्न के उपयोग पर रोक लगाने वाले भारत निर्वाचन आयोग के अंतरिम आदेश के खिलाफ ठाकरे की याचिका को हाई कोर्ट की एकल पीठ ने खारिज कर दिया था।
ठाकरे ने दावा किया कि 15 नवंबर के जिस आदेश के तहत न्यायाधीश ने निर्वाचन आयोग को प्रक्रिया में तेजी लाने का आदेश दिया है, वह भी त्रुटिपूर्ण है और उसे रद्द किया जाना चाहिए। इस याचिका पर सुनवाई 15 दिसंबर को होने की संभावना है। गौरतलब है कि एकल पीठ ने अपने आदेश में कहा था कि शिवसेना में फूट होने के बाद पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न के उपयोग पर रोक लगाने के निर्वाचन आयोग के फैसले में कोई प्रक्रियात्मक उल्लंघन नहीं हुआ है।
शिवसेना के चुनाव चिह्न को लेकर उद्धव ठाकरेऔर एकनाथ शिंदे गुटगु के दावे पर सोमवार को भी कोई फैसला नहीं हो सका। अब इस मामले को लेकर अगली सुनवाई जनवरी में होगी। सोमवार को दोनों ही पक्षों नेचुनाव आयोग से इस मामले में और अधिक समय की मांग की। इसे ध्यान में रखते हुए EC ने सुनवाई को अगले साल जनवरी के पहले हफ्ते तक टाल दिया है।
इससे पहले नवंबर में चुनाव आयोग में इस मामले को लेकर सुनवाई हुई थी। आयोग नेदोनों गुटों गु को निर्देश दिया था कि अगर कोई अन्य बयान या दस्तावेज हैतो वे इसे 9 दिसंबर शाम 5 बजे तक जमा कराएं। नवंबर की शुरुआत में आयोग ने शिवसेना के विरोधी गुटों को 23 नवंबर तक पार्टी के नाम और उसके प्रतीक पर अपने-अपने दावों के समर्थन मेंननए दस्तावेज जमा कराने को कहा था। साथ ही उसने दोनों धड़ों से कहा था कि वे आयोग को सौंपे गए दस्तावेज एक-दूसरे से साझा करें।
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