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आवाज बता देगी बीमारी है या बहाना, AI से पता लगेगी हकीकत; कैसे

शोधकर्ताओं ने दावा किया है लोगों की आवाज की मदद से AI यह पता लगाने में सक्षम हो पाएगा कि उन्हें सर्दी या खांसी है या नहीं। AI आपकी आवाज की टोन को पहचान सकता है और बता सकता है कि सर्दी वाकई है या नहीं।

Himanshu Tiwari लाइव हिंदुस्तान, नई दिल्लीMon, 10 April 2023 06:42 PM
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आवाज बता देगी बीमारी है या बहाना, AI से पता लगेगी हकीकत; कैसे

अक्सर कर्मचारियों को सर्दी, खांसी या जुकाम का बहाना बनाकर अपने बॉस से छुट्टी मांगते हुए देखा जाता है, मगर अब यह बहाना नहीं चलने वाला है। इस तरह का बहाना बनाने वालों की एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) पोल खोल देगा। ओपनएआई जैसे तकनीकों ने दुनियाभर में बढ़ते प्रभाव के चलते एआई की इन दिनों हर तरफ चर्चा हो रही है। हर दिन इस विधा में नए खोज किए जा रहे हैं। अब कुछ शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि एआई की मदद से किसी शख्स को सर्दी, खांसी या जुकाम है या नहीं इसका पता लगाया जा सकता है। 

शोधकर्ताओं ने दावा किया है लोगों की आवाज की मदद से एआई यह पता लगाने में सक्षम हो पाएगा कि उन्हें सर्दी या खांसी है या नहीं। हालांकि, यह तकनीक लोगों को सर्दी का पता लगाने में मददगार तो साबित हो सकती है, लेकिन यह उन कर्मचारियों के लिए भी परेशानी का सबब भी बन सकती है जो अक्सर ठीक होने पर भी 'सर्दी' से पीड़ित होने के बहाने बनाकर बॉस से छुट्टी मांग लिया करते हैं। यदि यह तकनीक भविष्य में दफ्तरों में लागू होने लगे को कर्मचारियों की प्रॉडक्टिविटी में बड़ा अंतर आ सकता है।

कैसे करती है काम
इस क्रांतिकारी प्रोडक्ट को लेकर डेवलपमेंट किया जा रहा है, आने वाले दिनों में ऐसा देखने को मिल सकता है कि बॉस कॉल पर अपने कर्मचारियों की आवाज का पता लगाकर यह बता सकते हैं कि किसे सर्दी है और किसे नहीं। सूरत के शोधकर्ताओं ने 630 लोगों के आवाज के पैटर्न का सफलतापूर्वक विश्लेषण किया। इनमें से 111 लोग सर्दी से पीड़ित थे। उन लोगों को पहचानने के लिए आवाज के पैटर्न का विश्लेषण किया गया तो पाया गया कि ये वास्तव में सर्दी से प्रभावित थे।

रिसर्च में लोगों के सर्दी से पीड़ित होने की बात का पता लगाने के लिए हार्मोनिक्स (लोगों की आवाज के वाइब्रेशन) का इस्तेमाल किया गया। मूल रूप से, जब उनकी आवृत्ति बढ़ती है तो हार्मोनिक्स आयाम में कमी आती है। इस लिहाज से सर्दी से पीड़ित व्यक्ति के लिए इसका पैटर्न अनियमित नजर आता है। इसी अंतर को समझते हुए शोधकर्ताओं ने मशीन-लर्निंग एल्गोरिदम का उपयोग कर अलग-अलग व्यक्तियों की आवाज के अंतर का विश्लेषण कर उन लोगों की पहचान करने में सक्षम हो पाए, जिन्हें वाकई सर्दी थी।

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