Kerala timer device used for Kalamassery blast in Kochi टाइमर डिवाइस से किया धमाका, नहीं थे छर्रे, केरल में ब्लास्ट से बड़ा मैसेज देने का था इरादा, India Hindi News - Hindustan
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टाइमर डिवाइस से किया धमाका, नहीं थे छर्रे, केरल में ब्लास्ट से बड़ा मैसेज देने का था इरादा

केरल में हुए धमाके की जांच शुरू हो चुकी है। इसके लिए एंटी टेररिज्म टीमें और एनएसजी घटनास्थल पर पहुंच चुकी हैं। वहीं, शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि घटना को टाइमर डिवाइस से अंजाम दिया गया है।

Deepak Mishra लाइव हिन्दुस्तान, कोच्चिSun, 29 Oct 2023 04:02 PM
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टाइमर डिवाइस से किया धमाका, नहीं थे छर्रे, केरल में ब्लास्ट से बड़ा मैसेज देने का था इरादा

केरल में हुए धमाके की जांच शुरू हो चुकी है। इसके लिए एंटी टेररिज्म टीमें और एनएसजी घटनास्थल पर पहुंच चुकी हैं। वहीं, शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि इस घटना को टाइमर डिवाइस से अंजाम दिया गया। इसके अलावा विस्फोटक में छर्रे नहीं होने से अनुमान लगाया जा रहा है कि ब्लास्ट के जरिए नुकसान पहुंचाने के बजाय बड़ा मैसेज देने का इरादा था। गौरतलब है कि केरल के कलामासेरी के चर्च में हुए धमाके में एक महिला की मौत हो गई जबकि 36 अन्य लोग घायल हो गए। यह विस्फोट ‘यहोवा के साक्षी’ नामक धार्मिक सभा के दौरान हुआ। इस ईसाई धार्मिक समूह की स्थापना 19वीं सदी में अमेरिका में हुई थी। मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल का गठन किया जाएगा। 

घटनास्थल पर मिले बैटरी और तार
यह धमाका सुबह 9 बजकर 40 मिनट पर हुआ। बताया गया है कि इसकी इंटेसिटी लो थी और विस्फोटक को टिफिन बॉक्स में रखा गया था। शुरुआती जांच के मुताबिक विस्फोटक में छर्रे नहीं थे। मामले की जानकारी रखने वाले अधिकारियों ने बताया कि इस धमाके को टाइमर बेस्ड डिवाइस से अंजाम दिया गया। घटनास्थल पर बैटरी और तार का मिलना इसी तरफ इशारा करता है। जिस तरह बिना छर्रों का इस्तेमाल किए धमाके को अंजाम दिया गया है, उससे संकेत मिलता है कि आतंकवादियों ने इसके जरिए कोई बड़ा मैसेज दिया है। हालांकि केस को अभी तक एनआईए को हैंडओवर नहीं किया गया है। लेकिन हालात की गंभीरता को देखते हुए घटनास्थल पर एनआईए एसपी भी पहुंचे थे।

हमास-पीएफआई भी दायरे में
फिलहाल मामले की जांच चल रही है और इसके पीएफआई का हाथ होने की आशंका भी जताई जा रही है। हालांकि पीएफआई अपनी आतंकी गतिविधियों में आईईडी के इस्तेमाल के लिए नहीं जानी जाती है। इसके अलावा घटना में हमास का हाथ होने का भी शक जाहिर किया जा रहा है। असल में इस घटना से एक दिन पहले हमास के पूर्व नेता खालिद मशाल ने उत्तरी केरल के मलप्पुरम में डिजिटल माध्यम से एक सभा को संबोधित किया था। इस दौरान उसने जमात-ए-इस्लामी के कार्यकर्ताओं से ईश्वर को न मानने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने का आह्वान किया था।

सभी पहलुओं की हो रही जांच
केरल के डीजीपी शेख दरवेश साहब ने कहा कि जांच के बाद ही मैं जानकारियों की पुष्टि कर सकता हूं। हम सभी पहलुओं से जांच कर रहे हैं। हम यह पता लगाएंगे कि इसके पीछे कौन हैं और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे। दरवेश ने आगाह किया कि सोशल मीडिया पर उकसावे या घृणा संदेश फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि विस्फोट स्थल का दौरा करने के बाद एक विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया जाएगा। धमाके के वक्त वहां करीब 2,300 लोग मौजूद थे। राज्य के राजस्व मंत्री के. राजन समेत अन्य मंत्रियों ने कहा कि जब धमाका हुआ तो लोग आंख बंद करके प्रार्थना कर रहे थे।

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