चुनाव आयोग के फैसले पर IAS अभिषेक सिंह बोले- मैंने कुछ गलत नहीं किया
इस अधिकारी से बतौर पर्यवेक्षक मिलने वाली सारी सुविधाएं भी वापस ले ली गई हैं। अधिकारी को उस निर्वाचन क्षेत्र को छोड़ने का भी निर्देश दिया गया है, जहां की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई थी।

चुनाव आयोग की ओर से की गई कार्रवाई पर आईएएस अधिकारी अभिषेक सिंह ने कहा कि उनकी ओर से किए गए पोस्ट में कुछ भी गलत नहीं था। हालांकि, उन्होंने कहा कि वो चुनाव आयोग के फैसले को पूरी विनम्रता से स्वीकार करते हैं। आयोग ने आईएएस अधिकारी को इंस्टाग्राम पर अपने आधिकारिक कार्यों से संबंधित तस्वीरें पोस्ट कर के आरोप में गुजरात विधानसभा चुनाव के सामान्य पर्यवेक्षक के पद से हटा दिया है। अभिषेक उत्तर प्रदेश के आईएएस अधिकारी हैं।
ईसी के फैसले पर आईएएस अधिकारी अभिषेक सिंह ने ट्वीट करते हुए कहा, मैं माननीय निर्वाचन आयोग के फैसले को पूरी विनम्रता के साथ स्वीकार करता हूं। हालांकि, मेरा मानना है कि इस पोस्ट में कुछ भी गलत नहीं है। एक लोक सेवक, जनता के पैसे से खरीदी की गई कार में, सार्वजनिक कर्तव्य के लिए रिपोर्टिंग, सार्वजनिक अधिकारियों के साथ, इसे जनता तक पहुंचाना। यह न तो पब्लिसिटी है और न ही कोई स्टंट!
आयोग ने शुक्रवार को गुजरात के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) को कड़े शब्दों में लिखे एक पत्र में कहा कि भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 2011 बैच के अधिकारी ने सामान्य पर्यवेक्षक के रूप में अपनी नियुक्ति को साझा करने के लिए सोशल मीडिया मंच इंस्टाग्राम का इस्तेमाल किया और अपने आधिकारिक पद का इस्तेमाल 'पब्लिसिटी स्टंट'(प्रचार हथकंडे) के लिए किया।
आयोग ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया और उन्हें सामान्य पर्यवेक्षक की भूमिका से तत्काल मुक्त कर दिया। आयोग ने अगले आदेश तक उस अधिकारी को चुनाव संबंधी कोई भी जिम्मेदारी सौंपे जाने पर रोक लगा दी है।
सूत्रों के मुताबिक उक्त अधिकारी को उस निर्वाचन क्षेत्र को छोड़ने का भी निर्देश दिया गया है, जहां की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई थी। अधिकारी से कहा गया है कि वह अपने मूल कैडर में अपने नोडल अधिकारी को रिपोर्ट करें। अब उनकी जगह 2011 बैच के आईएएस अधिकारी कृष्ण बाजपेयी बापूनगर और असरवा में पर्यवेक्षक ड्यूटी की देखरेख करेंगे।
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