दिल्ली में कांग्रेस को 3 लोकसभा सीटें देने को तैयार अरविंद केजरीवाल, शरद पवार का बड़ा दावा
अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ मजबूती से उतरने का प्लान बना रहा है। गठबंधन के अंदर कई मुद्दों पर बात बन चुकी है लेकिन सीट शेयरिंग का मामला अभी लंबित हैं।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के अध्यक्ष शरद पवार ने बुधवार को कहा कि हाल ही में एक चर्चा के दौरान, आम आदमी पार्टी (आप) प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने कहा कि वह दिल्ली की 7 लोकसभा सीटों में से तीन कांग्रेस को देने के लिए तैयार हैं। बता दें कि शरद पवार की एनसीपी और अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी (AAP) विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) का हिस्सा हैं।
इंडिया टुडे मुंबई कॉन्क्लेव 2023 के एक सत्र में बोलते हुए, शरद पवार ने कहा, "मेरी एक बार दिल्ली की सीटों के बारे में अरविंद केजरीवाल से बात हुई थी। आज की तारीख में, कांग्रेस के पास दिल्ली में शून्य सीटें हैं। केजरीवाल ने मुझसे कांग्रेस से चर्चा करने का आग्रह किया कि क्या वे सात सीटों में से तीन पर मानने को राजी हैं।" वर्तमान में, दिल्ली की सभी सात लोकसभा सीटों पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का कब्जा है।
बता दें कि विपक्षी गठबंधन अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ मजबूती से उतरने का प्लान बना रहा है। गठबंधन के अंदर कई मुद्दों पर बात बन चुकी है लेकिन सीट शेयरिंग का मामला अभी लंबित हैं। दिल्ली में कांग्रेस चाहती है कि वह सभी सीटों पर लड़े लेकिन केजरीवाल इसनी आसानी से मानने वाले नहीं हैं। हालांकि हाल ही में केजरीवाल गठबंधन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जता चुके हैं। केजरीवाल ने कहा था, ‘‘आप ‘इंडिया’ गठबंधन के लिए प्रतिबद्ध है। हम गठबंधन से अलग नहीं होंगे। हम गठबंधन के धर्म का पालन करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’’
इससे पहले विभिन्न विपक्षी नेताओं पर प्रवर्तन निदेशालय द्वारा की गई छापेमारी के बारे में बोलते हुए शरद पवार ने भाजपा पर निशाना साधा। राकांपा सुप्रीमो ने यह भी दावा किया कि केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ 2024 का लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए विपक्षी दलों को एकजुट करेगी।
यह पूछे जाने पर कि क्या इंडिया ब्लॉक के साझेदार मोदी सरकार के डर से एक साथ आ रहे हैं? इस पर शरद पवार ने कहा, "राजनीति और लोकतंत्र में, कोई भी यह नहीं कह सकता कि यह किसी पार्टी का अंत है। कोई हार सकता है, लेकिन पुनर्जीवित भी हो सकता है। हमने कई लोगों को देखा है। जो पार्टियां चुनाव हारी हैं वे अगली बार पुनर्जीवित भी हो गई हैं।”
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