तब जुटी थीं देश भर से ईंटें, अब जलेगी राम ज्योति; भाजपा का 1989 वाला माहौल दोहराने प्लान
भाजपा के सूत्रों ने कहा कि राम मंदिर को लेकर प्लान 1989 वाला माहौल बनाने का है। तब राम मंदिर के शिलान्यास के लिए अभियान चला था। घर-घर से ईंटें लाने का अभियान था और 2 लाख से ज्यादा ईंट पहुंची थीं।

भाजपा की राम मंदिर को लेकर मंगलवार को दिल्ली में उच्च स्तरीय मीटिंग हुई थी। इस मीटिंग में इस बात पर मंथन हुआ कि कैसे राम लला की प्राण प्रतिष्ठा के आयोजन को सफल बनाया जाए और लोकसभा इलेक्शन के मद्देनजर ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंच बनाई जाए। यही नहीं भाजपा सूत्रों ने कहा कि राम मंदिर को लेकर प्लान 1989 वाला माहौल बनाने का है। तब राम मंदिर के शिलान्यास के लिए अभियान चला था। घर-घर से ईंटें लाने का अभियान था और 2 लाख से ज्यादा ईंट पहुंची थीं। राम रथ यात्रा के अलावा यह भी एक मिशन था, जिसे भाजपा की चुनावी सफलता और संघ परिवार की समाज में पहुंच की वजह माना जाता है।
पार्टी के सूत्रों का कहना है कि अब यही माहौल 'राम ज्योति' से बनाने की कोशिश होगी। दरअसल पीएम नरेंद्र मोदी ने 30 दिसंबर को अपने अयोध्या दौरे में कहा था कि 22 जनवरी को सभी लोग दिवाली की तरह मनाएं और अपने घर में राम ज्योति प्रज्ज्वलित करें। अब भाजपा ने प्लान बनाया है कि 14 से 27 जनवरी तक स्थानीय मंदिरों में कार्यक्रम किए जाएं। वहां साफ-सफाई में भाजपा के कार्यकर्ताओं को भी लगने के लिए कहा गया है। पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा गया है कि वे छोटी-छोटी टोलियां बनाकर स्थानीय स्तर पर अभियान चलाएं।
पीएम नरेंद्र मोदी 22 जनवरी को राम लला की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा करेंगे। भाजपा सूत्रों ने कहा कि पार्टी 'राम ज्योति' से राममय माहौल बनाना चाहती है। 22 जनवरी को लाखों दिये ऐसे ही जलेंगे, जैसे 1989 में लोगों ने अयोध्या में मंदिर के लिए ईंट दी थी। बता दें कि राम मंदिर निर्माण में तब जुटाई गई 2 लाख ईंटों को भी शामिल किया गया है। भाजपा ने शिलान्यास वाले अभियान को जोर-शोर से चलाया था। पार्टी ने राम लला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद लोगों को राम मंदिर के दर्शन कराने का भी टारगेट कार्यकर्ताओं को दिया है। इसके लिए 25 जनवरी से 25 मार्च यानी दो महीने तक अभियान चलेगा।
इस बीच प्रशासन के लोगों का भी मानना है कि हर दिन करीब 50 हजार लोग 22 जनवरी के बाद अयोध्या पहुंच सकते हैं। वहीं आरएसएस और भाजपा के कार्यकर्ताओं को नेतृत्व ने कहा कि वे लोगों को दर्शन कराएं। यात्राओं में सहयोग दें। यही नहीं आरएसएस के कार्यकर्ता तो राम मंदिर में पूजित अक्षत भी घर-घर पहुंचा रहे हैं। यह अभियान 1 से 15 जनवरी तक चलेगा।
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