मुसलमानों के बहिष्कार के हो रहे ऐलान, दखल दो मीलॉर्ड; नूंह हिंसा के बाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला
गुरुग्राम और गाजियाबाद समेत कई जगहों पर मुस्लिमों के आर्थिक-सामाजिक बहिष्कार के ऐलान भी पोस्टरों और भाषणों के जरिए किए गए। इन्हें लेकर अब सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर दखल देने की अपील की गई है।

हरियाणा के नूंह में हुई भीषण हिंसा के बाद गुरुग्राम, नोएडा, फरीदाबाद और गाजियाबाद जैसे शहरों में भी तनाव दिखा है। इस दौरान कई जगहों पर मुस्लिमों के आर्थिक और सामाजिक बहिष्कार के ऐलान भी पोस्टरों और भाषणों के जरिए किए गए। इन्हें लेकर अब सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर दखल की अपील की गई है। इस अर्जी में कहा गया है कि नूंह में हिंसा के बाद कई समूहों ने मुस्लिमों के सामाजिक और आर्थिक बहिष्कार के ऐलान किए हैं। वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की बेंच के समक्ष यह अर्जी दाखिल की है।
कपिल सिब्बल ने इस अर्जी में कहा, 'गुरुग्राम में जो हो रहा है, वह बेहद गंभीर मामला है। वहां पुलिसवालों की मौजूदगी में लोगों को चेतावनी दी गई कि यदि आप मुस्लिमों को अपनी दुकानों में नौकरी पर रखते हैं तो गद्दार कहलाएंगे। हमने यह अर्जेंट अर्जी दाखिल की है। कृपया लंच टाइम में इसे देखें।' शाहीन अब्दुल्ला की ओर से दाखिल अर्जी पर पक्ष रखते हुए कपिल सिब्बल ने कहा कि नूंह हिंसा के बाद कई राज्यों में ऐसे कार्य़क्रम हुए हैं, जिनमें इस तरह की अपीलें की गई हैं। ये आपत्तिजनक हैं और आपको इसमें दखल देना चाहिए।
बता दें कि बीते सप्ताह ही सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में विश्व हिंदू परिषद के आयोजनों को लेकर सुनवाई करते हुए कहा था कि हेट स्पीच न दी जाएं। इसके अलावा प्रशासन से कहा था कि वे वीडियो रिकॉर्डिंग करें ताकि किसी भी तरह के अप्रिय भाषणों की पूरी जानकारी रहे। सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अर्जी में सोशल मीडिया पर वायरल 2 अगस्त के एक वीडियो का भी हवाला दिया गया है। यह वीडियो हिसार का बताया जा रहा है, जिसमें कहा जाता है कि यदि आप दुकानदार और स्थानीय निवासी मुस्लिमों को काम पर रखते हैं तो उनका बायकॉट किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस वालों की मौजूदगी में अल्पसंख्यकों को एक तरह की धमकी देने वाले ऐसे भाषण दिए गए।
ऐसे ही पोस्टर पिछले दिनों गाजियाबाद के नंदग्राम इलाके में भी देखे गए थे, जिनमें मुस्लिमों के बहिष्कार की अपील की गई थी। इस अर्जी में मध्य प्रदेश के सागर जिले के 4 अगस्त के एक भाषण का भी जिक्र किया गया है। अर्जी में कहा गया कि वीएचपी के नेता कपिल स्वामी ने पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में मुस्लिमों के बहिष्कार का ऐलान किया। इसके अलावा 6 अगस्त को पंजाब के फाजिल्का में बजरंग दल के एक नेता पर आरोप लगाया कि उन्होंने नसीर और जुनैद की हत्या को जायज ठहराया।
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