चीन में लगातार दूसरे साल घटी आबादी, बुजुर्गों के भरोसे कैसे बढ़ेगी अर्थव्यवस्था की रफ्तार
चीन में लगातार दूसरे साल जनसंख्या में गिरावट दर्ज की गई है। इसके चलते उसके आगे अर्थव्यस्था को आगे बढ़ाने का भी संकट पैदा हो गया है। कोरोना महामारी और जन्मदर में कमी के चलते ऐसा हुआ है।

दुनिया में दशकों तक सबसे ज्यादा आबादी वाले देश रहे चीन में लगातार दूसरे साल जनसंख्या में गिरावट दर्ज की गई है। कमजोर आर्थिक ग्रोथ के संकट का सामना कर रहे चीन के लिए यह स्थिति चुनौतीपूर्ण है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इससे आने वाले सालों में चीन की युवा आबादी तेजी से कम होगी और अर्थव्यवस्था पर बोझ बढ़ेगा। कामकाज के लिए युवाओं की संख्या कम होगी, जबकि बुजुर्ग लोग तेजी से बढ़ जाएंगे। ऐसी स्थिति में चीन के लिए अपनी आर्थिक ग्रोथ को रफ्तार देना आसान नहीं होगा। चीन ने लंबे समय तक वन चाइल्ड पॉलिसी अपना रखी थी। इसकी वजह से भी गिरावट दर्ज हुई है।
हाल ही में चीन ने वन चाइल्स पॉलिसी को वापस ले लिया था, लेकिन अब भी लोग बढ़ती महंगाई समेत कई कारणों से ज्यादा बच्चे पैदा करने में रुचि नहीं ले रहे हैं। स्थिति यह है कि चीन की सरकार अब एक से ज्यादा बच्चे पैदा करने पर सब्सिडी दे रही है और इसके लिए कैंपेन भी चल रहा है। चीन के सांख्यिकी ब्यूरो ने कहा, '2023 के अंत में देश की आबादी 1 अरब 40 करोड़ थी। यह 2022 के आखिरी दौर के मुकाबले 2 मिलियन कम है।' चीन में 2023 में आई जनसंख्या में गिरावट 2022 के मुकाबले डबल है। 1960 के बाद पहली बार 2022 में देश में जनसंख्या में कमी आई थी। तब देश की आबादी में 8 लाख 50 हजार की कमी हो गई थी।
जन्मदर में कमी और कोरोना जैसी महामारी का सीधा असर चीन की जनसंख्या पर दिख रहा है। बीते साल चीन में 9.02 मिलियन बच्चे पैदा हुए, जबकि 2022 में यह आंकड़ा 9.56 मिलियन का था। चीन ने तेजी से बढ़ती आबादी को नियंत्रित करने के लिए 1980 के दशक में वन चाइल्ड पॉलिसी लागू की थी। फिर 2016 में इसमें ढील दी गई और 2021 में तीन बच्चों वाले कपल्स को कुछ रियायतें तक देने का ऐलान कर दिया गया। फिर भी लोग ज्यादा बच्चे पैदा करने से परहेज कर रहे हैं।
इटली, जापान, रूस और साउथ कोरिया समेत इन देशों में घट रही आबादी
चीन की तेज आर्थिक ग्रोथ की एक वजह उसकी बड़ी आबादी और वर्कफोर्स में उसकी हिस्सेदारी रही है। लेकिन अब जब वहां जनसंख्या ही कम हो रही है तो युवा आबादी में भी गिरावट है। यही नहीं आने वाले दशकों में यह संकट और गहराने की आशंका है। बता दें कि जापान, साउथ कोरिया, रूस, इटली जैसे कई देश हैं, जहां आबादी में तेजी से गिरावट आई है। पुतिन ने तो पिछले दिनों रूस की महिलाओं से अपील करते हुए कहा था कि वे ज्यादा से ज्यादा बच्चे पैदा करें।
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