आपके निलंबन से निराशा हुई; संजय सिंह से मिलीं सोनिया गांधी; AAP नेता बोले- मेरा सवाल पूछना अपराध हो गया
जब सोनिया ने उनसे मुलाकात की तब वे संसद के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान सोनिया के साथ अन्य कांग्रेस सदस्य भी उनके पास आए। संजय सिंह ने हाथ जोड़कर सोनिया गांधी का अभिवादन किया

कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बुधवार को संसद के बाहर आम आदमी पार्टी के निलंबित सांसद संजय सिंह से मुलाकात की। इस मुलाकात को बदलते समय के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। संजय सिंह से मुलाकात के दौरान सोनिया गांधी ने कहा, "मैं आपके निलंबन से निराश हूं। हो सकता है कि हमारे बीच कुछ असहमति हो लेकिन आपको हमारा पूरा समर्थन प्राप्त है।" संजय सिंह को सोमवार को उच्च सदन में हंगामा और आसन के निर्देशों का उल्लंघन करने को लेकर वर्तमान मॉनसून सत्र की शेष अवधि तक के लिए निलंबित कर दिया गया था।
संजय सिंह ने हाथ जोड़कर किया सोनिया गांधी का अभिवादन
जब सोनिया गांधी ने उनसे मुलाकात की तब वे संसद के बाहर अपना विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान सोनिया गांधी के साथ अन्य कांग्रेस सदस्य भी उनके पास आए। संजय सिंह ने हाथ जोड़कर सोनिया गांधी का अभिवादन किया और उनसे कहा, "मणिपुर पर कोई भी प्रश्न पूछना अपराध बन गया है।" जिस पर कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष ने आश्वासन दिया कि उन्हें (AAP संसद सदस्य) को उनकी पार्टी का पूरा समर्थन है।
संजय सिंह का निलंबन सदन के नेता पीयूष गोयल द्वारा इस संबंध में एक प्रस्ताव पेश करने के बाद हुआ और इसे सदन ने ध्वनि मत से स्वीकार कर लिया। संजय सिंह के मुताबिक, वह सभापति (राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़) से मणिपुर हिंसा पर चर्चा के लिए बार-बार अनुरोध कर रहे थे और मांग कर रहे थे कि प्रधानमंत्री सदन में आएं और जवाब दें। विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (INDIA) के घटक दलों के नेता मणिपुर के विषय पर प्रधानमंत्री मोदी के बयान की मांग और आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह के निलंबन के खिलाफ संसद के अंदर और बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
सभापति का मीडिया संस्थानों पर निशाना
बुधवार को सदन की कार्यवाही के दौरान सभापति ने फिर से अपना रुख स्पष्ट किया। साथ ही उन्होंने कुछ मीडिया संस्थानों पर यह दावा करने के लिए निशाना साधा कि आप संजय सिंह का निलंबन एक मुद्दा उठाने के लिए किया गया था। सभापति ने कहा, "उन्हें इसलिए निलंबित किया गया क्योंकि सदस्य ने कदाचार किया था, कोई मुद्दा उठाने पर किसी को निलंबित नहीं किया गया। पब्लिक में यह कहना कि सदन ने एक सदस्य को इसलिए निलंबित कर दिया क्योंकि वह एक मुद्दा उठाने की कोशिश कर रहे थे, यह अक्षम्य और विशेषाधिकार का उल्लंघन है।”
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।