कर्नाटक दांव से मध्य प्रदेश जीतने का प्लान, प्रियंका गांधी जबलपुर में क्यों करने जा रहीं ऐलान?
प्रियंका ने पार्टी के प्रचार अभियान के लिए जबलपुर को क्यों चुना, इस पर राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने कहा कि रैली महाकौशल में हो रही है क्योंकि राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा यहां नहीं पहुंची थी।

MP Assembly Elections 2023: मध्य प्रदेश में इस साल के अंत तक विधानसभा चुनाव होने हैं। इसके लिए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा आज (सोमवार को) जबलपुर से अपने प्रचार अभियान की शुरुआत करने जा रही हैं। अपनी पांच प्रतिज्ञा या गारंटी और पुरानी पेंशन स्कीम के सहारे कर्नाटक में जीत दर्ज करने वाली कांग्रेस उसी पैटर्न पर मध्य प्रदेश में भी जीत हासिल करना चाहती है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा लाडली बहना योजना की शुरुआत करने के कुछ दिनों बाद प्रियंका गांधी वाड्रा जबलपुर में एक जनसभा को संबोधित करके पार्टी के अभियान की शुरुआत करेंगी। माना जा रहा है कि अभियान को आगे बढ़ाने में वह बड़ी भूमिका निभा सकती हैं। प्रियंका कांग्रेस के प्रचार अभियान की शुरुआत नर्मदा तट पर पूजा-अर्चना करने के बाद करेंगी। पार्टी के एक नेता ने यह जानकारी दी।
हालांकि, एमपी कांग्रेस प्रमुख कमलनाथ पहले ही पांच वादों की घोषणा कर चुके हैं। कांग्रेस का चुनावी अभियान उसी पर केंद्रित होगा। इसमें मुफ्त बिजली, कृषि ऋण माफ करना, महिलाओं को प्रति माह 1,500 रुपये देना और कुछ अन्य कल्याणकारी उपाय शामिल हैं। कर्नाटक चुनावों में भी कांग्रेस ने पांच गारंटी का वादा किया था।
जबलपुर राज्य के महाकौशल क्षेत्र का केन्द्र है और यहां आदिवासी मतदाताओं की संख्या बहुत ज्यादा है। 2018 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने आठ जिलों के इस संभाग में अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित 13 सीटों में से 11 पर जीत हासिल की जबकि शेष दो सीटों पर भारतीय जनता पार्टी को जीत मिली थी।
जबलपुर के महापौर और कांग्रेस के शहर प्रमुख जगत बहादुर सिंह ने बताया कि प्रियंका सुबह करीब 11.15 बजे शहीद स्मारक में एक जनसभा को संबोधित कर पार्टी के चुनाव अभियान और संकल्प 2023 की शुरुआत करेंगी। वह सुबह करीब 10:30 बजे जबलपुर पहुंचेगीं और नर्मदा नदी की पूजा करने के लिए ग्वारीघाट जाएंगी। उन्होंने कहा कि रैली स्थल के रास्ते में प्रियंका मुगलों से लड़ते हुए शहीद हुई रानी दुर्गावती की प्रतिमा पर माल्यार्पण करेंगी। उन्होंने कहा कि रैली में कम से कम दो लाख लोगों के शामिल होने की संभावना है।
उन्होंने दावा किया, ''महाकौशल क्षेत्र या आठ जिलों वाले जबलपुर संभाग के लोग खुद को भाजपा द्वारा उपेक्षित महसूस करते हैं। हमने इस क्षेत्र में (पिछली बार) अच्छा प्रदर्शन किया था। इस बार चुनाव में हम शानदार प्रदर्शन करने वाले हैं।' यह पूछे जाने पर कि उन्होंने पार्टी के प्रचार अभियान के लिए जबलपुर को क्यों चुना, मध्य प्रदेश से कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य और उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ वकील विवेक तन्खा ने कहा कि रैली महाकौशल में आयोजित की जा रही है क्योंकि राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा इस क्षेत्र से होकर नहीं गुजरी थी।
तन्खा ने कहा, “प्रियंका जी मध्य प्रदेश के चुनाव प्रचार में बड़ी भूमिका निभाएंगी। समाज के सभी वर्गों में उनके प्रशंसक हैं, लेकिन महिला मतदाताओं के बीच उनकी विशेष अपील है।"
उन्होंने कहा,"महाकौशल क्षेत्र में रैली से पड़ोसी विंध्य और बुंदेलखंड क्षेत्रों में कांग्रेस को मदद मिलेगी। इसके अलावा, महाकोशल में मजबूत सत्ता विरोधी लहर (भाजपा सरकार के खिलाफ) है और कांग्रेस के पारंपरिक आदिवासी मतदाताओं की बड़ी आबादी इस क्षेत्र में रहती है।"
मध्य प्रदेश भौगोलिक रूप से छह क्षेत्रों... महाकोशल, ग्वालियर-चंबल, मध्य भारत, निमाड़-मालवा, विंध्य और बुंदेलखंड में विभाजित है। महाकोशल या जबलपुर संभाग में जबलपुर, कटनी, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडोरी और छिंदवाड़ा जिले शामिल हैं और इसमें 38 विधानसभा सीटें हैं।
पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने इनमें से 24 सीटों पर जीत हासिल की थी, जबकि भाजपा 13 सीटों पर जीत हासिल करने में सफल रही थी। एक सीट निर्दलीय उम्मीदवार के खाते में गई थी। वहीं, 2013 के चुनावों में भाजपा ने 24 सीटें जीतीं और कांग्रेस को सिर्फ 13 सीटों पर जीत मिली थी। 2018 में महाकोशल में जीत के बाद कांग्रेस कमलनाथ के नेतृत्व में मध्य प्रदेश में सरकार बनाने में सक्षम बनी लेकिन, मार्च 2020 में ज्योतिरादित्य सिंधिया के वफादार विधायकों के भाजपा में शामिल होने के बाद यह सरकार गिर गई।
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