नीतीश कैबिनेट पर BJP का कब्जा, बोलीं रोहिणी आचार्य; सीएम महज मुखौटा
- राजद नेता रोहिणी आचार्य ने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को घेरा है। रोहिणी आचार्य ने नीतीश कुमार को महज मुखौटा करार देते हुए कहा है कि बीजेपी ने कैबिनेट पर कब्जा कर लिया है।
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बिहार में नीतीश कैबिनट का विस्तार हो गया है। बुधवार को सात विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली है। यह सभी मंत्री बीजेपी के कोटे से हैं। अब इस मामले पर सियासत शुरू हो गई है। राजद नेता रोहिणी आचार्य ने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को घेरा है। रोहिणी आचार्य ने नीतीश कुमार को महज मुखौटा करार देते हुए कहा है कि बीजेपी ने कैबिनेट पर कब्जा कर लिया है।
रोहिणी आचार्य ने एक्स पर लिखा, ‘नीतीश कुमार जी की कैबिनेट ( सरकार ) पर विखंडनकारी भाजपा का कब्ज़ा..कैबिनेट विस्तार में अपनी पार्टी के एक भी मंत्री को शपथ नहीं दिला सके नीतीश कुमार.. भाजपा का फरमान मानने को लाचार - बेबस - निरीह , महज मुखौटा नीतीश कुमार .. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी फिर भी कैबिनेट विस्तार पर मुहर लगा रहा भाजपा आलाकमान .. !!’
आपको बता दें कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कैबिनेट में भाजपा कोटे के और सात मंत्री शामिल किए गए हैं। राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खां ने बुधवार की शाम चार बजे राजभवन के राजेंद्र मंडपम में आयोजित समारोह में इन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई थी। इनमें संजय सरावगी, डॉ. सुनील कुमार, जिवेश मिश्रा, राजू कुमार सिंह, मोतीलाल प्रसाद, कुष्ण कुमार मंटू और विजय मंडल शामिल हैं।
वर्तमान एनडीए सरकार का गठन 28 जनवरी 2024 को हुआ था। तब से यह दूसरा मंत्रिमंडल विस्तार है। इस विस्तार के बाद मुख्यमंत्री समेत कुल मंत्रियों की संख्या 36 हो गई है।
बता दें कि राजद ने एनडीए सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार पर आरोप लगाया था कि यह जदयू को अप्रासंगिक करने की कवायद है। प्रदेश राजद के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि महाराष्ट्र के पूर्व सीएम एकनाथ शिंदे के रास्ते पर जदयू को ले जाने की कवायद है।
उन्होंने कहा कि अब तक 2005 से 2025 तक के मंत्रिमंडल विस्तार में पूरे मंत्रिमंडल के सदस्यों की संख्या अधिकतम आंकड़े तक नहीं पहुंची थी जो कि इस बार पहुंच गयी। उन्होंने आरोप लगाया कि बहुत आशा और उम्मीद थी कि प्रधानमंत्री भागलपुर में कहेंगे कि 2025 के जनादेश के बाद एनडीए सरकार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार होंगे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं कहा। इस आशा पर पानी फिर गया।