नीतीश ने 2025 के विधानसभा चुनाव तक 25 लाख नौकरियों का वादा जरूर कर रखा है। अब तक सरकार 1.22 लाख अध्यापक भर्ती कर चुकी है और इतने ही पदों पर और नौकरी निकाली है। हालांकि इसके बाद भी वादे से यह दूर है।
अखिलेश साफ कह चुके हैं कि वह कांग्रेस जैसे दलों के साथ गठबंधन के पक्ष में नहीं हैं। यूपी चुनाव में भी उन्होंने कांग्रेस की बजाय अन्य छोटे दलों को साथ लिया था। ऐसे में इन दलों को नीतीश साथ ला रहे हैं।
बिहार के छपरा जिले में जहरीली शराब पीने से 39 लोगों की मौत का मामला लोकसभा में भी गूंजा है। भाजपा सांसदों ने नीतीश कुमार सरकार पर तीखा हमला बोला और कहा कि बिहार सरकार सामूहिक हत्याएं करा रही है।
पार्टी के बड़े नेताओं ने बिहार पर फोकस बढ़ा दिया है। अमित शाह बिहार का दौरा करने वाले हैं और उससे पहले नेताओं ने कमर कस ली है। खासतौर पर सीमांचल इलाके में जनाधार पर भाजपा फोकस कर रही है।
आम चुनाव में अभी करीब 20 महीनों का वक्त है, लेकिन भाजपा मिशन मोड में आ चुकी है। इसी के तहत अमित शाह अगले महीने पूर्णिया और किशनगंज के दौरे पर निकलने वाले हैं। इसी के साथ भाजपा तैयारी तेज कर देगी।
बिहार सरकार सीबीआई को जांच की मंजूरी पर रोक लगा सकती है। यदि ऐसा होता है तो सीबीआई को बिहार में जांच के लिए पहले राज्य सरकार से इजाजत लेनी होगी। इस पर फैसले के लिए मीटिंग भी की गई है।
बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी और आडवाणी जैसे नेताओं ने मुझे सम्मान दिया था। मैंने भाजपा से ताल्लुक 2013 में तब खत्म किया, जब इन नेताओं को किनारे लगाया जाने लगा था।
नीतीश कुमार ने बिहार में पालादल लिया है और अब वह एनडीए की बजाय महागठबंधन के सीएम बन चुके हैं। इसके बाद भी राज्यसभा के डिप्टी स्पीकर हरिवंश नारायण सिंह ने अपने पद से इस्तीफा नहीं दिया है।
गिरिराज सिंह ने कहा कि नीतीश सालों से सीएम बने हुए हैं, लेकिन आज तक वह अमरलता ही हैं। वृक्ष नहीं बन सके हैं। उन्होंने कहा कि अमरलता हमेशा दूसरे पेड़ों पर ही लद जाता है और उसके पत्तों को ढक देता है।
तेजस्वी यादव ने 2020 के विधानसभा चुनाव के दौरान आरजेडी के घोषणा पत्र के जरिए वादा किया था कि वह सरकार में आने पर 10 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देंगे। इस नीतीश कुमार ने टिप्पणी की है।