रेलवे में 2.74 लाख पद खाली, सुरक्षा श्रेणी के 1.7 लाख से अधिक पोस्ट; RTI से खुलासा
रेलवे के प्रवक्ता अमिताभ शर्मा ने कहा कि इस मुद्दे का हल सीधी भर्ती, शीघ्र पदोन्नति और प्रशिक्षण के बाद 'नन-कोर' कर्मचारियों को मुख्य नौकरियों में स्थानांतरित करने के माध्यम से किया जा रहा है।

रेलवे में इस महीने तक लगभग 2.74 लाख पद रिक्त हैं, जिनमें से 1.7 लाख से अधिक सुरक्षा श्रेणी में हैं। सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत एक अर्जी के जवाब में यह जानकारी मिली है। मध्य प्रदेश के आरटीआई कार्यकर्ता चंद्र शेखर गौड़ द्वारा इस संबंध में जानकारी मांगे जाने पर रेलवे ने अपने जवाब में कहा कि लेवल-1 सहित ग्रुप सी में 2,74,580 पद रिक्त हैं। इसमें सुरक्षा श्रेणी में कुल 1,77,924 रिक्तियां शामिल हैं। रेल मंत्रालय ने कहा, ''इस साल एक जून (अंतिम) तक, भारतीय रेलवे के ग्रुप-सी (लेवल-1 सहित) में रिक्त अराजपत्रित पदों की कुल संख्या 2,74,580 है।''
रेलवे ने कहा कि सुरक्षा श्रेणी में 9.82 लाख से अधिक पद हैं, जिनमें से 8.04 लाख से अधिक भरे हुए हैं। आरटीआई के जवाब में कहा गया है, ''एक जून (अनंतिम) तक भारतीय रेलवे में ग्रुप-सी (लेवल-1 सहित) की सुरक्षा श्रेणी में स्वीकृत, मौजूदा और रिक्त पदों की कुल संख्या क्रमशः 9,82,037, 8,04,113 और 1,77,924 है।'' रेलवे के प्रवक्ता अमिताभ शर्मा ने कहा कि इस मुद्दे का हल सीधी भर्ती, शीघ्र पदोन्नति और प्रशिक्षण के बाद 'नन-कोर' कर्मचारियों को मुख्य नौकरियों में स्थानांतरित करने के माध्यम से किया जा रहा है। दिसंबर 2022 में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद को बताया था कि रेलवे में 3.12 लाख अराजपत्रित पद रिक्त हैं। सुरक्षा श्रेणी में रेल परिचालन से सीधे तौर पर जुड़े कर्मी शामिल हैं। इनमें लोको पायलट, ट्रैकपर्सन, पॉइंटमैन, इलेक्ट्रिकल वर्क्स, सिग्नल और टेलीकॉम असिस्टेंट, इंजीनियर, तकनीशियन, क्लर्क, गार्ड/ट्रेन मैनेजर, स्टेशन मास्टर और टिकट कलेक्टर जैसे पद शामिल हैं।
महत्वपूर्ण पदों पर कर्मचारियों की कमी का मुद्दा रेलवे यूनियन द्वारा निरंतर उठाया गया है। दरअसल, रेल यूनियन ने मंत्रालय से रेल पटरियों के रख-रखाव, फिटनेस, सीनियर और जूनियर सेक्शन इंजीनियर, गैंगमैन और तकनीशियन के अधिक पदों की मांग की है। इसका जमीनी काम पर क्या असर पड़ा है, इस बारे में अधिकारियों ने कहा कि कार्यबल पर जबरदस्त दबाव है और एक 'ऑन-ग्राउंड स्टाफ' को पटरी का निरीक्षण करने के लिए रोजाना आठ से 10 किमी की दूरी तय करनी पड़ती है। एक अधिकारी ने कहा, ''यह एक संवेदनशील विषय है, जिस पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है और इनके लिए इतनी दूरी तय करना मुश्किल है।''
अधिकारियों ने कहा कि रेलवे, जिसने अक्टूबर 2023 तक 1.52 लाख रिक्तियों को भरने का लक्ष्य रखा है, पहले ही 1.38 लाख उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र प्रदान कर चुका है। इनमें से 90,000 सेवा में शामिल हो चुके हैं। अधिकारियों ने कहा कि इनमें से 90 प्रतिशत पद सुरक्षा श्रेणी के हैं। ओडिशा के बालासोर में दो जून को हुई भीषण रेल दुर्घटना के बाद, रेलवे ने अपने जोन को, विशेष रूप से सुरक्षा श्रेणी में, पदोन्नति रिक्तियों को भरने के लिए ''विशेष अभियान'' शुरू करने का निर्देश दिया। रेलवे के प्रवक्ता अमिताभ शर्मा ने कहा कि रेलवे सीधी भर्ती और शीघ्र पदोन्नति के माध्यम से पदों को भर रहा है।
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