अधिकारियों ने कहा कि पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र में एनडीआरएफ की कुल 14 टीमों में से पांच को मुंबई में तैनात किया गया है, जबकि बाकी को तैयार स्थिति में रखा गया है। पूरी तरह से चौकसी बरती जा रही है।
अतीक अहमद की पत्नी समेत बेटों पर भी केस दर्ज हैं, उसी तरह मुख्तार अंसारी के बेटे भी वांछित हैं। इसके अलावा अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन की तरह ही मुख्तार अंसारी की वाइफा अफशां अंसारी भी फरार है।
मुख्तार अंसारी ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि मुझे एनकाउंटर का डर सता रहा है। यही नहीं मुख्तार ने शीर्ष अदालत में हामिद अंसारी से अपने रिश्ते का भी जिक्र किया और कहा कि मैं उनकी फैमिली का हूं।
1996 में भी पुलिस की कार्रवाई में घायल हुए मुख्तार के साथी को जब अस्पताल पहुंचाया, तो पता चला कि वह गाजीपुर जेल का सिपाही था। पुलिस को मुख्तार की गाड़ी से एक और सिपाही की बंदूक मिली थी।
योगी सरकार में एक के बाद एक माफियाओं का खात्मा हो रहा है। इसके पीछे अपराधियों के प्रति सरकार की सख्ती तो है ही, साथ ही माफियाओं के खिलाफ पेंडिंग केसेज को कोर्ट में मुस्तैदी से पेश करना भी हम रहा।
मुख्तार अंसारी पर जेल में रहते हुए हत्या के 8 मुकदमे दर्ज हो गए। हाई कोर्ट ने भी मार्च में कहा था कि मुख्तार गैंग देश का सबसे खतरनाक गैंग है। मुख्तार को हत्या के मामले में 10 साल की सजा हुई है।
उत्तर प्रदेश में माफियाओं को मिट्टी में मिलाने की बात करने वाली योगी सरकार इस मिशन को जमीन पर उतारने में जुट गई है। असद, अतीक और अशरफ के एनकाउंटर के बाद प्रयागराज में परिवार का आतंक खत्म हो गया।
हाई कोर्ट राहुल गांधी की उस याचिका पर सुनवाई कर रहा है, जिसमें 'मोदी सरनेम' संबंधी टिप्पणी से जुड़े आपराधिक मानहानि मामले में उनकी दोषसिद्धि पर रोक नहीं लगाने के अदालत के आदेश को चुनौती दी गई है।
मुख्तार को सजा मिलने के ऐलान के बाद इस माफिया से जुड़े 18 साल पुरानी एक घटना फिर ताजा हो गई जब 2005 में भाजपा विधायक कृष्णानंद राय की हत्या के बाद मुख्तार ने कहा था- चोटी काट ली, जय श्रीराम।
शाइस्ता से ज्यादा वांटेड यूपी पुलिस के लिए इस वक्त मुख्तार अंसारी की बीवी है। अफशां मनी लॉन्ड्रिंग, जमीन हड़पना समेत 9 मुकदमों में वांछित चल रही है।