असम में एक आईपीएस अधिकारी समेत पांच पुलिस अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि वह एक कारोबारी को झूठे केस में फंसाकर ढाई करोड़ रुपये वसूलना चाहते थे। वे एनकाउंटर की भी धमकी दे रहे थे।
असम के नागांव जिले के तीन व्यक्तियों ने शिकायत दर्ज करते हुए कहा कि उन्होंने सोशल मीडिया पर राष्ट्रीय ध्वज के कथित अपमान की हरकत देखी और तुरंत शिकायत दर्ज कर मामले की जांच की मांग की।
मुख्यमंत्री सरमा ने कहा, 'मैं राज्य के लोगों आश्वस्त करना चाहता हूं कि इस साल के अंत तक हम असम के हर जिले से आफ्सपा हटाने के लिए सार्थक कदम उठाएंगे। यह असम के इतिहास के लिए अमृतमय समय होगा।'
इन दिनों देश भर में सब्जियों की कीमत चर्चा का विषय बनी हुई है। इस बीच असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सब्जियों की महंगाई के लिए मियां-मुसलमानों को जिम्मेदार बताया है। इस पर विवाद छिड़ गया है।
पुलिस ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद लड़की की मेडिकल जांच की गई। इसमें यह साबित हो गया कि उसका यौन उत्पीड़न किया गया था। नाबालिग संग हुई इस वारदात को लेकर पुलिस टीम भी हैरान रह गई।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने रविवार को कहा था कि राज्य में निर्वाचन क्षेत्रों की परिसीमन कवायद में कोई समस्या नहीं है, जिसका मसौदा प्रस्ताव पिछले सप्ताह प्रकाशित किया गया था।
घटना का वीडियो के वायरल होते ही चाइल्ड हेल्पलाइन सर्विस टीमों ने तुरंत हस्तक्षेप किया और बच्ची के बचाने के प्रयास शुरू हुए। पुलिस ने शुक्रवार को दंपति के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
चंद्र कुमार नाथ ने आगे दावा किया कि इस मामले में विवाहेतर संबंध कोई कारण नहीं जान पड़ता है। इसे लेकर सबूत नहीं दिखाया गया है। उन्होंने कहा कि एक मृत महिला पर इस तरह आरोप लगाना अपमानजनक है।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि 3 अन्य लोगों को भी गोलियां लगी थीं। उन्हें धेमाजी सदर अस्पताल ले जाया गया जहां और एक व्यक्ति की मौत हो गई। एसपी ने बताया कि तीन अन्य लापता हैं और पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
एनआरएल की प्रवक्ता मधुचंदा अधिकारी ने कहा कि आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है और इसकी प्रारंभिक जांच शुरू हो गई है। उन्होंने कहा कि नुकसान की मात्रा का पता लगाना अभी बाकी है।