What did Neeraj Chopra say on not being able to defend the gold medal in the Diamond League डायमंड लीग में गोल्ड मेडल का बचाव नहीं कर पाने पर क्या बोले नीरज चोपड़ा, Sports Hindi News - Hindustan
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डायमंड लीग में गोल्ड मेडल का बचाव नहीं कर पाने पर क्या बोले नीरज चोपड़ा

स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने कहा है कि उनकी नजर पेरिस ओलंपिक और फिर वर्ल्ड चैंपियनशिप में अपने गोल्ड मेडल के बचाव पर है। नीरज ने हालांकि माना के पेरिस ओलंपिक में उनके लिए चीजें मुश्किल होंगी।

Namita भाषा, नई दिल्लीFri, 1 Sep 2023 05:43 PM
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डायमंड लीग में गोल्ड मेडल का बचाव नहीं कर पाने पर क्या बोले नीरज चोपड़ा

भारत के स्टार भाला फेंक (जैवलिन थ्रोअर) एथलीट नीरज चोपड़ा अपना डायमंड लीग का खिताब बचा नहीं पाए। ज्यूरिख में डायमंड लीग में मेंस जैवलिन थ्रो इवेंट में नीरज चोपड़ा महज 15 सेंटीमीटर से खिताब का बचाव करने से चूक गए। नीरज चोपड़ा को डायमंड लीग में सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। वहीं नीरज ने इसके बाद शुक्रवार को कहा कि उनका लक्ष्य पेरिस ओलंपिक में अपने गोल्ड मेडल का बचाव करना है। इतना ही नीरज ने कहा कि इसके अलावा वह 2025 में वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी अपने गोल्ड मेडल का बचाव करना चाहेंगे।

बुडापेस्ट में वर्ल्ड चैंपियनशिप गोल्ड मेडल जीतने के बाद 25 वर्षीय चोपड़ा रविवार को ओलंपिक और वर्ल्ड चैम्पियनशिप खिताब दोनों जीतने वाले इतिहास के तीसरे जैवलिन थ्रोअर बन गए। यह पूछने पर कि क्या वह चेक गणराज्य के महान एथलीट जॉन जेलेज्नी की उपलब्धि हासिल कर सकते हैं जिनके नाम तीन ओलंपिक और तीन वर्ल्ड चैम्पियनशिप खिताब हैं। इस पर नीरज चोपड़ा ने कहा, 'अगर मैं प्रेरित बना रहता हूं और अपने खेल पर फोकस बनाए रखता हूं तो सबकुछ संभव है।'

उन्होंने कहा, 'मेरी कोशिश है कि मुझे मेरा खिताब फिर से दोहराना है और मुझे इसके लिए जितनी भी मेहनत करने की जरूरत होगी, मैं करूंगा।' चोपड़ा से पहले जेलेज्नी और नॉर्वे के आंद्रियास थोरकिल्डसन ने लगातार ओलंपिक और वर्ल्ड चैम्पियनशिप खिताब जीते थे। जेलेज्नी इस भारतीय सुपरस्टार के आदर्श भी हैं जिन्होंने 1992, 1996 और 2000 में ओलंपिक गोल्ड जबकि 1993, 1995 और 2001 में वर्ल्ड चैम्पियनशिप खिताब जीते हैं। थोरकिल्डसन ने 2008 ओलंपिक और 2009 वर्ल्ड चैम्पियनशिप में गोल्ड मेडल जीते थे।

चोपड़ा ने हालांकि स्वीकार किया कि अगले साल पेरिस ओलंपिक में गोल्ड मेडल का बचाव करना बड़ी चुनौती होगी। उन्होंने कहा, 'टोक्यो में पहला ओलंपिक खिताब जीतना बड़ी चुनौती थी और अब इसका बचाव करना इससे भी बड़ी चुनौती होगी क्योंकि फिर से हर एथलीट पूरी तैयारी के साथ आएगा। इसमें टोक्यो ओलंपिक से भी ज्यादा दबाव होगा क्योंकि इसमें पहले से कहीं ज्यादा उम्मीदें होंगी और यहां तक कि मेरी भी खुद से उम्मीदें हैं।'

चोपड़ा ने कहा, 'लेकिन मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण चीज खुद को चोट से बचाने की होगी। मुझे स्वस्थ और चोटों से मुक्त रहना होगा ताकि मैं अपने सभी खिताब फिर से जीत सकूं।' चोपड़ा गुरुवार को ज्यूरिख डायमंड लीग में दूसरे स्थान पर रहे थे, उन्होंने कहा कि वर्ल्ड चैम्पियनशिप से पहले उन्हें खांसी और गले में तकलीफ थी। उन्होंने कहा, 'मैं पहले यह बताना नहीं चाहता था क्योंकि लोग इसे बहाना समझ सकते थे। लेकिन क्वालीफिकेशन दौर से पहले मुझे खांसी और गले में दर्द था। मुझे परेशानी हो रही थी।' उन्होंने कहा, 'ज्यूरिख में भी मुझे समस्या हो रही है। मैं ठीक हो जाऊंगा, एक एथलीट का जीवन ऐसा ही होता है।'

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