Ram Mandir Event Invitation to Sonia Gandhi but Not to Priyanka and Rahul What is the Main Reason - India Hindi News सोनिया गांधी को तो बुलाया, लेकिन राहुल-प्रियंका को क्यों नहीं मिला राम मंदिर कार्यक्रम का न्योता? क्या वजह, India Hindi News - Hindustan
Hindi Newsदेश न्यूज़Ram Mandir Event Invitation to Sonia Gandhi but Not to Priyanka and Rahul What is the Main Reason - India Hindi News

सोनिया गांधी को तो बुलाया, लेकिन राहुल-प्रियंका को क्यों नहीं मिला राम मंदिर कार्यक्रम का न्योता? क्या वजह

सोनिया गांधी को कांग्रेस पार्लियामेंट्री पार्टी (सीपीपी) के प्रमुख होने के नाते राम मंदिर कार्यक्रम में बुलाया गया है, जबकि मल्लिकार्जुन खरगे को कांग्रेस अध्यक्ष होने की वजह से न्योता दिया गया है।

Madan Tiwari लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्लीWed, 3 Jan 2024 07:24 PM
share Share
Follow Us on
सोनिया गांधी को तो बुलाया, लेकिन राहुल-प्रियंका को क्यों नहीं मिला राम मंदिर कार्यक्रम का न्योता? क्या वजह

Ram Mandir Event: अयोध्या में 22 जनवरी को होने वाले राम मंदिर के कार्यक्रम के लिए भव्य तैयारियां की गई हैं। राम लला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी, जिसके लिए पीएम मोदी, यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ समेत हजारों लोग उपस्थित होंगे। राम मंदिर कार्यक्रम के लिए विपक्षी नेताओं को भी न्योता दिया गया है। कांग्रेस की ओर से मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी और अधीर रंजन चौधरी को बुलाया गया है। हालांकि, पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी को आमंत्रित नहीं किया गया। ऐसे में लोगों के मन में सवाल उठ रहे हैं कि कांग्रेस पार्टी के प्रमुख नेताओं में होने के बाद भी राहुल गांधी और प्रियंका को क्यों नहीं बुलाया गया?

दरअसल, सोनिया गांधी को कांग्रेस पार्लियामेंट्री पार्टी (सीपीपी) के प्रमुख होने के नाते राम मंदिर कार्यक्रम में बुलाया गया है, जबकि मल्लिकार्जुन खरगे को कांग्रेस अध्यक्ष होने की वजह से न्योता दिया गया है। चूंकि, प्रियंका गांधी सिर्फ कांग्रेस की महासचिव हैं और राहुल गांधी सिर्फ केरल के वायनाड से सांसद हैं, इसलिए दोनों को नहीं बुलाया गया है। अधीर रंजन चौधरी लोकसभा में कांग्रेस के नेता हैं और यही वजह है कि उन्हें भी कार्यक्रम में बुलाया गया है। राम मंदिर से जुड़े इस कार्यक्रम में न्योता देने के लिए एक सूची बनाई गई है। इसके हिसाब से तीन कैटेगरी में पॉलिटिकल पार्टियों के अध्यक्ष, लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष के नेता और जो 1984 से 1992 में राम मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे, उन्हें राम मंदिर ट्रस्ट न्योता भेज रहा है। सोनिया गांधी को खुद राम मंदिर निर्माण कमेटी के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्रा ने जाकर न्योता दिया था। 

इसके अलावा, विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष आलोक कुमार ने हाल में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को न्योता दिया। वे कांग्रेस पार्टी के प्रमुख होने के साथ-साथ राज्यसभा में भी विपक्ष के नेता हैं। वहीं, लोकसभा में विपक्ष के नेता की बात करें तो 2014 में तय सीटों से कम होने की वजह से कोई भी विपक्ष का नेता नहीं बन सका और ऐसे में सबसे विपक्षी दलों में सबसे ज्यादा सीटें जीतने वाली कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी को वीएचपी ने आमंत्रित किया है।

'टाइम्स ऑफ इंडिया' ने राम मंदिर ट्रस्ट के सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि जल्द ही समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और बसपा चीफ मायावती को भी न्योता भेजा जाएगा। हाल ही में अखिलेश यादव ने रामलला की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को लेकर कहा था कि यह भगवान का कार्यक्रम है। भगवान से बढ़कर कोई भी नहीं है। भगवान जिसे भी बुलाएंगे, वह अपने आप दौड़ा हुआ चला जाएगा। इसके अलावा, जेडीयू प्रमुख और बिहार सीएम नीतीश कुमार को भी कार्यक्रम में बुलाया गया है। वे हाल ही में ललन सिंह की जगह पार्टी अध्यक्ष बने हैं और अध्यक्ष होने के नाते नीतीश को निमंत्रण भेजा गया है। वहीं, बीजेपी के दिग्गज नेता लाल कृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी को भी कार्यक्रम के लिए बुलाया गया है।

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।