6 राज्य और 53 ठिकानों पर रेड, खालिस्तानी नेटवर्क की कमर तोड़ रही NIA; कई दबोचे
एनआईए ने बताया कि आतंक-गैंगस्टर-ड्रग तस्कर गठजोड़ को खत्म करने के उद्देश्य से आज की छापेमारी विभिन्न कट्टर गिरोहों और उनके गुर्गों से जुड़े हथियार सप्लायर्स, फाइनेंसरों आदि पर की गई।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बुधवार को खालिस्तानी आतंकी अर्श दल्ला और कई खूंखार गैंगस्टरों से जुड़े आतंकवादियों-गैंगस्टरों-ड्रग तस्करों के नेक्सस पर बड़े पैमाने पर कार्रवाई की है। इसके तहत कई संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। हाल के समय में कई खालिस्तानियों के खिलाफ ऐक्शन तेज किया गया है। जांच एजेंसी ने बुधवार को छह राज्यों के 53 ठिकानों पर छापेमारी की। इसकी शुरुआत आज सुबह से हुई और दिनभर कार्रवाई चली।
पंजाब, दिल्ली, हरियाणा, यूपी, राजस्थान, उत्तराखंड और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में मारे गए छापों के दौरान पिस्तौल, गोला-बारूद, बड़ी संख्या में डिजिटल उपकरण और आपत्तिजनक सामग्री जब्त की गई। अर्श दल्ला के अलावा, इन छापों में एनआईए ने कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई, सुक्खा दुनेके, हैरी मौर, नरेंद्र उर्फ लाली, काला जठेरी, दीपक टीनू आदि पर भी शिकंजा कसा। पिछले साल अगस्त के बाद से एनआईए ने पांच मामले दर्ज किए हैं, जिसमें अब तक कई बार इस तरह की कार्रवाई की जा चुकी है।
ये मामले गैंगस्टरों द्वारा हत्याओं की साजिश रचने, खालिस्तान समर्थक संगठनों की फंडिंग, जबरन वसूली आदि से संबंधित हैं, जिनमें से कई आरोपी विभिन्न जेलों में बंद हैं जैसे कि पाकिस्तान, कनाडा, मलेशिया, पुर्तगाल और विभिन्न विदेशी देशों से काम कर रहे हैं। एनआईए ने बताया है कि आतंक-गैंगस्टर-ड्रग तस्कर गठजोड़ को खत्म करने के उद्देश्य से आज हुई छापेमारी का फोकस विभिन्न कट्टर गिरोहों और उनके गुर्गों से जुड़े हथियार सप्लायर्स, फाइनेंसरों आदि पर था। ये गिरोह पाकिस्तान, यूएई, कनाडा, पुर्तगाल आदि देशों में स्थित ड्रग तस्करों और आतंकवादियों के साथ काम कर रहे हैं।
एनआईए को जांच से पता चला है कि साजिशें विभिन्न राज्यों की जेलों में रची जा रही थीं और विदेश स्थित गुर्गों के एक संगठित नेटवर्क द्वारा इन्हें अंजाम दिया जा रहा था। पिछले साल पंजाब में महाराष्ट्र के बिल्डर संजय बियानी, खनन व्यापारी मेहल सिंह और अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी संदीप नांगल अंबिया की सनसनीखेज हत्या इसी के तहत करवाई गई थी। एनआईए की जांच के अनुसार, कई अपराधी और गैंगस्टर जो पहले भारत में गिरोहों का नेतृत्व कर रहे थे, हाल के वर्षों में विदेश भाग गए हैं और अब वहां से अपनी आतंक और हिंसा संबंधी गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। ये अपराधी भारत भर की जेलों में बंद अपराधियों के साथ मिलकर बदला लेने के लिए हत्याओं सहित गंभीर अपराधों की योजना बनाने और उन्हें अंजाम देने में लगे हुए हैं। ये टारगेटेड मर्डर कर रहे हैं और ड्रग्स और हथियारों की तस्करी, हवाला और जबरन वसूली के माध्यम से हमलों और अन्य नापाक गतिविधियों के लिए धन जुटा रहे हैं।
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