वह अभी सदमे में, ठीक होने में चाहिए समय... नुपूर शर्मा का समर्थन करने वाले साद अंसारी का परिवार बोला
19 साल के साद अशफाक अंसारी के परिवारवालों ने कहा है कि वह अभी सदमे में है। उसे ठीक होने के लिए समय चाहिए। बता दें कि नुपूर शर्मा के समर्थन में पोस्ट करने पर अंसारी की एक समूह द्वारा पिटाई की गई थी।

भाजपा से निष्कासित प्रवक्ता नुपूर शर्मा के पैगंबर मोहम्मद पर की गई टिप्पणी के समर्थन में पोस्ट करने वाले 19 साल के साद अशफाक अंसारी के परिवारवालों ने कहा है कि वह अभी सदमे में है। उसे ठीक होने के लिए समय चाहिए। बता दें कि नुपूर शर्मा के समर्थन में पोस्ट करने पर अंसारी की एक समूह द्वारा पिटाई की गई थी। जबकि 12 जून को उसे मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार भी किया था। साद अंसारी को 27 जून को बेल मिली है।
मुंबई के भिवंडी के 19 वर्षीय इंजीनियरिंग छात्र को 27 जून को जमानत पर रिहा किया गया था। साद अंसारी के परिवार ने कहा कि उन्हें पिछले कुछ हफ्तों में जिस आघात से गुजरा है, उससे उबरने के लिए समय चाहिए।
नुपूर शर्मा के समर्थन में किया था पोस्ट
दरअसल, साद अंसारी द्वारा पैगंबर मुहम्मद पर नूपुर शर्मा की अभद्र टिप्पणी के समर्थन में पोस्ट किए जाने के बाद, जून में उस रात भिवंडी में एक उन्मादी भीड़ ने खुद को आशिक-ए-रसूल (पैगंबर के प्रेमी) का बताकर उसकी पिटाई की थी। एक समाचार रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने उसके घर को घेर लिया, गाली दी और थप्पड़ मारे।
बिखर गया है परिवारः साद के रिश्तेदार
परिवार के एक करीबी व्यक्ति ने नाम न बताने की शर्त पर इंडिया टुडे को बताया, “उसका पिछले दो वर्षों से अवसाद का इलाज चल रहा है। उसे अब अकेला छोड़ दिया जाना चाहिए और ठीक होने के लिए समय दिया जाना चाहिए। परिवार बिखर गया है।” उन्होंने कहा कि परिवार बच्चे की सुरक्षा को लेकर चिंतित है और इसलिए उसे सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है। परिवार के एक करीबी ने कहा, "हमें कानून और पुलिस पर भरोसा है, लेकिन साद को थप्पड़ मारने और गाली देने वालों को भी उनके द्वारा किए गए अपराध के लिए दंडित किए जाने की जरूरत है।"
वह सिर्फ अपने विचार व्यक्त कर रहा थाः साद का वकील
बता दें कि 20 जून को साद अंसारी की पहली जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी। साद अंसारी के वकील नारायण अय्यर ने कहा कि कॉलेज का छात्र सिर्फ अपने विचार व्यक्त कर रहा था और वह किसी भी प्रकार की हिंसा या किसी भी धार्मिक भावनाओं को आहत नहीं कर रहा था। अय्यर ने इंडिया टुडे से कहा, “वह अपने समुदाय को संबोधित कर रहा था। उसने कहा कि लोगों को हिंसा में शामिल नहीं होना चाहिए जैसा कि पूरे देश में हुआ था जब नूपुर शर्मा का मामला सामने आया था। वह केवल अपने व्यक्तिगत विचार बता रहा था, जिसे हमारा संविधान अनुच्छेद 19 के तहत अनुमति देता है। वह एक धर्मनिष्ठ मुस्लिम, एक पशु और प्रकृति प्रेमी हैं, जिसमें किसी के प्रति कोई द्वेष नहीं है।”
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