यूपी में श्रमिकों के खातों में गिरे 1000 रुपये तो ई-श्रम पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन की आई बाढ़, संख्या 7 करोड़ के पार, जानें ई-श्रमिक कार्ड के फायदे
मोदी सरकार द्वारा 4 महीने पहले लॉन्च किए गए ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण कराने वाले श्रमिकों की संख्या 19 करोड़ के पार हो गई है। अबतक पोर्टल पर 19.24 करोड़ से अधिक श्रमिकों का पंजीकरण हो...

मोदी सरकार द्वारा 4 महीने पहले लॉन्च किए गए ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण कराने वाले श्रमिकों की संख्या 19 करोड़ के पार हो गई है। अबतक पोर्टल पर 19.24 करोड़ से अधिक श्रमिकों का पंजीकरण हो चुका है। इनमें युवा श्रमिकों का प्रतिशत सबसे अधिक है। अगर राज्यों की बात करें तो योगी सरकार द्वारा श्रमिकों को हर महीने 500 रुपये देने की घोषणा के बाद रजिस्ट्रेशन की ऐसी बाढ़ आई कि यहाँ संख्या 7 करोड़ के पार पहुंच गई।
अभी इसी सोमवार को योगी सरकार ने मज़दूरों के खातों में 1000-1000 रुपये डाला था। अब यहां ई-श्रमिक कार्ड बनवाने वालों की संख्या 7 करोड़ 01 लाख से अधिक हो गई है। दूसरे नंबर पर पश्चिम बंगाल 2.37 करोड़ श्रमिकों के साथ है। बिहार तीसरे नंबर पर और चौथे पर ओडिशा है।
देश में ई-श्रम पोर्टल पर कुल पंजीकरण में से 61.43 फीसदी श्रमिक 18 से 40 आयु वर्ग के हैं। वहीं, इसमें सबसे अधिक ओबीसी 45.16 फीसद, इसके बाद सामान्य वर्ग के 25.82 फीसद श्रमिक हैं। जबकि, एसएसी 22.06 फीसद और एसटी की संख्या 6.97 फीसद है।
ये सभी बनवा सकते हैं ई-श्रमिक कार्ड
हर दुकान का नौकर / सेल्समैन / हेल्पर, ऑटो चालक, ड्राइवर, पंचर बनाने वाला, चरवाहा, डेयरी वाले, सभी पशुपालक, पेपर का हॉकर, जोमैटो स्विगी के डिलीवरी बॉय, अमेज़न फ्लिपकार्ट के डिलीवरी बॉय (कूरियर वाले), नर्स, वार्डबॉय, आया, ट्यूटर, घर का नौकर - नौकरानी (काम वाली बाई), खाना बनाने वाली बाई (कुक), सफाई कर्मचारी, गार्ड, ब्यूटी पार्लर की वर्कर, नाई, मोची, दर्ज़ी ,बढ़ई , प्लम्बर, बिजली वाला (इलेक्ट्रीशियन), पोताई वाला (पेंटर), टाइल्स वाला, वेल्डिंग वाला, खेती वाले मज़दूर, नरेगा मज़दूर, ईंट भट्ठा के मज़दूर, पत्थर तोड़ने वाले, खदान मज़दूर, फाल्स सीलिंग वाला, मूर्ती बनाने वाले, मछुवारा, रेजा, कुली, रिक्शा चालक, ठेला में किसी भी प्रकार का सामान बेचने वाला (वेंडर), चाट ठेला वाला, भेल वाला, चाय वाला, होटल के नौकर/वेटर, रिसेप्शनिस्ट, पूछताछ वाले क्लर्क, ऑपरेटर, मंदिर के पुजारी, विभिन्न सरकारी ऑफिस के दैनिक वेतन भोगी यानी वास्तव में आपके आसपास दिखने वाले प्रत्येक कामगार का यह कार्ड बन सकता है।
e-SHRAM card के फायदे
ई-श्रम कार्ड पूरे देश में स्वीकार्य है। इसके कई फायदे हैं, पोर्टल से जुड़ने वाले श्रमिकों को जहां यूपी सरकार मार्च तक 500 रुपये महीना दे रही है, वहीं रजिस्ट्रेशन के बाद श्रमिकों को दुर्घटना बीमा की भी सुविधा मिलती है। PMSBY के तहत आंशिक विकलांगता पर 1 लाख रुपये और स्थायी विकलांगता पर 2 लाख रुपये तक का बीमा कवर मिलेगा।
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