पटना में कैसे मर गए 40 कौवे, अनहोनी की आशंका से सहमे लोग
- ग्रामीण रवि कुमार समेत कई ने बताया कि तीन दिनों से कौवे अचानक जमीन पर गिरकर छटपटाने लगते हैं। दो-तीन घंटे के बाद बीमार कौवे दम तोड़ देते हैं। अधिकतर ग्रामीणों का दावा है कि अब तक गांव में 40 से 50 कौवों की मौत होने की सूचना है।
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बिहार की राजधानी पटना से सटे बाढ़ के रहिमापुर और आसपास के गांवों में तीन दिनों से लगातार 40 से अधिक कौवे की मौत होने के बाद ग्रामीणों में हड़कंप मच गया है। अनहोनी की आशंका से ग्रामीण सहमे हुए हैं। दूसरी तरफ पटना जिला के पशुपालन पदाधिकारी ने कहा है कि बाढ़ में 25 कौवे की मौत हुई है जिसे हमलोगों ने सुरक्षित रखा है। उसके सैंपल को जांच के लिए भेजा जाएगा तभी मौत का कारण पता चल पाएगा।
ग्रामीण रवि कुमार समेत कई ने बताया कि तीन दिनों से कौवे अचानक जमीन पर गिरकर छटपटाने लगते हैं। दो-तीन घंटे के बाद बीमार कौवे दम तोड़ देते हैं। अधिकतर ग्रामीणों का दावा है कि अब तक गांव में 40 से 50 कौवों की मौत होने की सूचना है। इस बाबत कई स्थानीय लोगों का कहना है कि पर्यावरण प्रदूषण, ठंड या कीटनाशक दवाओं के प्रयोग से कौवे की मौत होने की आंशका है। हालांकि इस मामले को लेकर ग्रामीणों की शिकायत पर कौवे के मृत अवशेष को जांच के लिए भेजा गया है। ग्रामीणों ने वन, पर्यावरण तथा पशुपालन विभाग को भी सूचना दी है। इधर बच्चों को इन मृत कौवों से दूर रखा जा रहा है।
पटना जिला के पशुपालन पदाधिकारी, डॉ अरुण कुमार ने कहा कि बर्ड फ्लू जैसी कोई घटना नहीं लग रही है। पता चला कि दियारा इलाके अचुआरा में किसान फसल को बचाने के लिए खेत में रसायन का छिड़काव किए हैं। कौवे झुंड में गए हों जिससे मौत हुई हो। हालांकि, जबतक जांच रिपोर्ट नहीं आ जाती तबतक कुछ स्पष्ट नहीं कहा जा सकता है।