जहां से रोज गुजरती हैं लाखों गाड़ियां वहां बनेंगे पुल, बिहार सरकार ने रेलवे को भेजा प्रस्ताव
- पत्र की प्रतिलिपि पूर्व मध्य रेल, पूर्वोत्तर रेलवे, पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे और पूर्व रेलवे के महाप्रबंधकों को भी भेजा गया है। दरअसल, हाल ही में सीएम नीतीश कुमार की प्रगति यात्रा समाप्त हुई है। इस दौरान कई शहरों में आरओबी की जरूरत महसूस की।
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बिहार में 49 रेल गुमटी (समपार फाटक) पर नए आरओबी (रेलवे ऊपरी पुल) का निर्माण होगा। बिहार सरकार ने आरओबी बनाने का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा है। ये वैसे रेल फाटक हैं, जहां हर रोजाना एक से सात लाख के बीच गाड़ियां गुजरती हैं। आरओबी बनाने का प्रस्ताव मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा ने रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष सह मुख्य कार्यकारी अधिकारी सतीश कुमार को भेजा है।
पत्र की प्रतिलिपि पूर्व मध्य रेल, पूर्वोत्तर रेलवे, पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे और पूर्व रेलवे के महाप्रबंधकों को भी भेजा गया है। दरअसल, हाल ही में सीएम नीतीश कुमार की प्रगति यात्रा समाप्त हुई है। इस दौरान कई शहरों में आरओबी की जरूरत महसूस की। इसी के आलोक में पथ निर्माण विभाग ने आरओबी बनाने का प्रस्ताव तैयार किया और रेलवे बोर्ड को मुख्य सचिव की ओर से पत्र भेजा गया।
पत्र में कहा गया है कि रेल मंत्रालय ने 2023 में ही यह तय किया है कि देश के सभी समपार फाटक को मानवरहित बनाना है। इससे न केवल जान-माल का नुकसान कम होगा, बल्कि लोगों का सफर भी आसान होगा। फाटक पर आरओबी नहीं बनने से जाम की समस्या अधिक कायम हो रही है। उसी के आलोक में राज्य सरकार ने कहा है कि बिहार में 49 नए आरओबी की आवश्यकता है।
राज्य सरकार ने रेलवे से इन आरओबी को बनाने के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता देने का अनुरोध किया है। अगर रेल प्रशासन की ओर से इन आरओबी को बनाने की दिशा में कार्रवाई शुरू की जाती है तो राज्य सरकार की ओर से सहयोग प्रदान करने का आश्वासन भी दिया गया है।
पत्र में टीवीयू का हवाला देते हुए कहा गया है कि छपरा-कचहरी से छपरा ग्रामीण के बीच बने रेलवे गुमटी से रोज छह लाख 86 हजार दो गाड़ियां गुजरती हैं। छपरा जं. से कचहरी के बीच बने रेलवे गुमटी से रोज चार लाख 75 हजार से अधिक गाड़ियां गुजरती हैं। सबसे कम सहरसा जं. से पंचगछिया के बीच बने रेलवे गुमटी 34सी से एक लाख 100 गाड़ियां रोज गुजरती हैं।