कुलगाम पुलिस को मिली गुप्त जानकारी पर कार्रवाई करते हुए कोड नाम 'डॉक्टर सबील' नाम के व्यक्ति की तलाश शुरू की गई, जो युवाओं को आतंकवादी संगठन में भर्ती होने के लिए प्रेरित कर रहा था।
पढ़ने के लिए बेहद सीमित संसाधन, आर्थिक परेशानियां, घर की सबसे बड़ी बेटी और उसे जुड़ी जिम्मेदारियां जैसी कई चुनौतियों से भारती को पार पाना था। लेकिन उन्होंने तो पढ़ाई का फैसला कर लिया था।