मुजफ्फरपुर में नीतीश कुमार ने एक बार फिर लालू यादव के ऑफर पर इनकार कर दिया। इस पर राजद ने कहा है कि उन्हें बुला कौन रहा है तो बीजेपी और जदयू ने कहा है कि लालू डरे हुए हैं।
जदयू की तरफ से जो वीडियो शेयर किया गया है उसमें कहा गया है, ‘वर्ष 1990 और 2000 के बीच बिहार में अपहरण की घटनाएं रोज की बात हो गई थीं। लोगों को सरेआम अगवा किया जाता था और रिहाई के बदले लाखों रुपये की फिरौती मांगी जाती थी।
जेडीयू के एक मंत्री का कहना है कि सीट बंटवारे को अंतिम रूप देने के लिए कोई गंभीर प्रयास नहीं किए गए हैं, पहले प्रस्तावित राष्ट्रीय अभियान की भी रूपरेखा नहीं बनाई गई है।
इंडिया अलायंस के संयोजक के पद पर बिहार सीएम नीतीश कुमार को नियुक्त किए जाने की अटकलें तेज हैं। इस सिलसिले में विपक्षी गुट के घटक दलों के बीच चर्चाओं का दौर जारी है।
जेडीयू ने कहा कि महिला रिजर्वेशन बिल के विरोध करने का कोई कारण नहीं है। पार्टी ने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि वह राष्ट्रवार जाति जनगणना की मांग कर रही है।
भाजपा की प्रमुख सहयोगी रही जद (यू) पिछले साल अगस्त में एनडीए से बाहर हो गई थी, जिसके बाद नीतीश ने अपनी सरकार बनाने के लिए राजद और अन्य महागठबंधन सहयोगियों से हाथ मिलाया।
खबरें थी कि कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की ओर से नाम का सुझाव दिया गया था। बाद में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ओर से नाम का प्रस्ताव विपक्षी दलों के सामने रखा गया।
पार्टी अध्यक्ष ललन सिंह ने कार्यकर्ताओं से अपील की है कि यह नारा न लगाएं, इससे भ्रम की स्थिति पैदा होती है। नीतीश पीएम पद के दावेदार नहीं हैं। पटना में 23 जून को 18 विपक्षी दलों की बैठक होगी।
डीएमके ने भी संकेत दे दिए थे कि पार्टी की वरिष्ठ नेता और सांसद कनिमोझी को प्रतिनिधि के तौर पर मीटिंग में भेजेगी। वहीं, कांग्रेस अपने किसी एक मुख्यमंत्री को भेजने की तैयारी कर रही थी।
राहुल गांधी के लंदन में दिए बयान पर भाजपा ने कांग्रेस नेता को आड़े हाथों लिया है। राहुल पर हमला करने वालों में एक नाम राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश सिंह का भी है।