श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद विवाद सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। याचिकाकर्ता ने मांग की है कि ज्ञानवापी की तरह शाही ईदगाह का भी वैज्ञानिक सर्वेक्षण किया जाए।
इन दिनों वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद का सर्वे चल रहा है। यह सर्वे भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की टीम कर रही है। ज्ञानवापी में एएसआई को जो शख्स लीड कर रहा है, वह बेहद चर्चित है।
मुस्लिम पक्ष अंजुमन इंतजामिया मस्जिद समिति ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि ज्ञानवापी मस्जिद में एएसआई सर्वेक्षण का इरादा इतिहास में जाना है और यह अतीत के घावों को फिर से हरा देगा।
समिति ने लोकसभा एवं विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए न्यूनतम आयु सीमा में कमी किए जाने की वकालत करते हुए शुक्रवार को कहा कि इससे युवाओं को लोकतंत्र में शामिल होने के समान अवसर मिलेंगे।
ज्ञानवापी परिसर के एएसआई से सर्वे पर रोक की मांग करने वाले मुस्लिम पक्ष को सुप्रीम कोर्ट से भी झटका लगा है। उच्चतम न्यायालय ने एएसआई की ओर से परिसर का सर्वे जारी रखने का आदेश दिया है।
एएसआई सर्वेक्षण के खिलाफ ज्ञानवापी मस्जिद समिति की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार को सुनवाई करेगा। अंजुमन इंतजामिया मस्जिद समिति ने शीर्ष अदालत के समक्ष एक याचिका दायर की है।
ज्ञानवापी के सर्वे से रोक हटाने का उच्च न्यायालय ने आज सुबह ही आदेश दिया था। इसके बाद अब यह मसला सुप्रीम कोर्ट में पहुंच गया है। मुस्लिम पक्ष ने हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।
Gyanvapi Masjid Case: दरअसल, इलाहबाद उच्च न्यायलय ने वाराणसी कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा था, जिसमें भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानी ASI के तरफ से मस्जिद परिसर के सर्वे को मंजूरी दी गई थी।
उच्च न्यायालय ने सर्वे से रोक हटाते हुए कहा कि जिला अदालत का फैसला तत्काल प्रभाव से लागू होता है और कभी भी सर्वे दोबारा से शुरू किया जा सकता है। इससे पहले कोर्ट ने 25 जुलाई को फैसला सुरक्षित रखा थाा।
योगी आदित्यनाथ ने ज्ञानवापी और काशी विश्वनाथ मंदिर विवाद को लेकर अहम टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि यदि हम ज्ञानवापी को मस्जिद कहेंगे तो विवाद होगा। आखिर उस परिसर में त्रिशूल क्यों है।