एनडीए की बैठक में चिराग पासवान और उनके चाचा पशुपति पारस दोनों ही मौजूद थे। जब चिराग पासवान ने उनके पैर छुए तो उन्होंने भी भतीजे को गले लगा लिया।
जब मंगलवार को सत्तापक्ष और विपक्ष बड़ी बैठकों के जरिए अपनी अपनी ताकत दिखा रहे होंगे, तब उनके सामने 2024 का चुनावी एजेंडा होगा। इसमें उनकी रणनीति के केंद्र में पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) व दलित समुदाय रहेगा।
कहा जा रहा है कि चाचा-भतीजे के बीच हाजीपुर सीट को लेकर बड़ा झगड़ा जारी है। दरअसल, यह सीट दिवंगत राम विलास पासवान का गढ़ रही है और दोनों ही नेता इस विरासत को साधने की कोशिश में हैं।
गृहराज्य मंत्री नित्यानंद राय और पासवान के बीच बिहार की राजधानी पटना में लंबी चर्चा हुई है। हालांकि, शाह से मुलाकात को लेकर लोजपा या पासवान ने अब तक आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है।
मंत्री परिषद की यह मीटिंग 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले ओवरहॉलिंग को लेकर है। खबर है कि भाजपा का नेतृत्व चाहता है कि पुराने गठबंधन सहयोगियों को फिर से साथ लिया जाए और कैबिनेट में भी जगह दी जाए।
Bihar Politics: चिराग पासवान के बाद कुशवाहा नेता उपेंद्र कुशवाह ने बीजेपी के पक्ष में बिहार में बैटिंग करनी शुरू कर दी है। जेडीयू से अपना संबंध तोड़ने के बाद वह भी भगवा पार्टी की भाषा बोलने लगे हैं।
आरजेडी के नेता चंद्रशेखर की ओर से रामचरितमानस पर की गई विवादित टिप्पणी का मसला तूल पकड़ रहा है। इस बीच नीतीश कुमार और आरजेडी की राय इस मसले पर भी अलग दिख रही है। दोनों के बीच टकराव हो सकता है।
राज्यसभा में कांग्रेस की लीडरशिप में विपक्षी दलों ने NHRC के बिहार दौरे के मुद्दे को उठाया और वॉकआउट कर गए। कांग्रेस के अलावा बिहार की सत्ताधारी पार्टी आरजेडी, जेडीयू ने इस मुद्दे पर हंगामा किया।
राष्ट्रपति चुनाव को लेकर हुई एनडीए की बैठक में भी चिराग शामिल हुए थे। हालांकि, चिराग ने कहा था कि वह बैठक में इसलिए शामिल हुए क्योंकि उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव में मुर्मू का समर्थन किया था।
केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के तहत आने वाले संपदा निदेशालय की टीम के वहां पर पहुंची, जिसके तुरंत बाद लुटियंस दिल्ली में जनपथ स्थित बंगले से फर्नीचर और घरेलू सामान ले जाया गया।