राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल को फिर से नियुक्ति मिल गई है। इसके अलावा पीएम नरेंद्र मोदी के प्रमुख सचिव पीके मिश्रा को भी सेवा विस्तार मिल गया है। दोनों को गुरुवार को ही सेवा विस्तार मिला।
साल के पहले ही दिन पीएम मोदी रैपिड राउंड की मीटिंग में हिस्सा लेने वाले हैं। जिन परियोजनाओं पर पीएम चर्चा कर सकते हैं, उसकी फाइलें अधिकारियों ने पहले ही तैयार कर ली है।
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने यह भी कहा कि भारत मध्य एशियाई देशों को ‘यूनाइटेड पेमेंट इंटरफेस’ (यूपीआई) से संबंधित तकनीक उनके स्वतंत्र उपयोग के लिए नि:शुल्क उपलब्ध कराने के लिए तैयार है।
पिछले पांच वर्षों में देश में वामपंथी उग्रवाद से संबंधित सुरक्षा स्थिति में महत्वपूर्ण सुधार हुआ है। केंद्र सरकार ने 2015 में इससे निपटने के लिए राष्ट्रीय नीति और कार्य योजना’ को मंजूरी दी थी।
जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान जोडी थॉमस कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो के साथ भारत आईं। इससे पहले भी उन्होंने भारत का दौरा किया था और अजीत डोभाल से मुलाकात की।
सूत्रों का कहना है कि अजीत डोभाल ने चीन को दो टूक शब्दों में कहा है कि सीमा पर शांति के बिना रिश्ते सामान्य नहीं हो सकते। उन्होंने लद्दाख में स्थिति को पूरी तरह से हल करने पर जोर दिया।
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने कहा है कि अगर नेताजी सुभाष चंद्र बोस जिंदा होते तो भारत का बंटवारा नहीं हुआ होता। डोभाल ने पहले नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्मृति व्याख्यान में ये बात कही।
दोनों देशों के बीच हुई बातचीत को लेकर अभी तक भारत सरकार की तरफ से कुछ नहीं कहा गया है। इकोनॉमिक टाइम्स ने अपनी एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया कि यरमक का पीस फॉर्मूला कोई नया नहीं है।
भारत ने अमेरिका और पश्चिम एशिया के देशों के साथ मिलकर बड़े प्लान पर काम करना शुरू कर दिया है। अजित डोभाल की इस प्लान को लेकर सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और अमेरिका से बातचीत की है।
जारापोवा ने उम्मीद जताई है कि ग्लोबल लीडर और जी20 का मौजूदा अध्यक्ष होने के चलते भारत शांति स्थापित करने में अहम भूमिका निभा सकता है। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई है कि भारतीय पक्ष कीव का दौरा करेगा।