What Hamas did was a terrorist act India bluntly confronts Saudi Arabia on Israel issue - International news in Hindi हमास ने जो किया, वह आतंकी हरकत; इजरायल के मसले पर सऊदी अरब से भारत की दोटूक, International Hindi News - Hindustan
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हमास ने जो किया, वह आतंकी हरकत; इजरायल के मसले पर सऊदी अरब से भारत की दोटूक

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इजराइल पर हमास के हमलों के परिणामों को लेकर सऊदी अरब में अपने समकक्ष फैसल बिन फरहान अल-सऊद से बात की। उन्होंने हमास के हमले को आतंकवादी हमला करार दिया है।

Admin लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्लीSat, 14 Oct 2023 12:18 AM
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हमास ने जो किया, वह आतंकी हरकत; इजरायल के मसले पर सऊदी अरब से भारत की दोटूक

भारत ने इजरायल पर हमास के हमले को एक आतंकवादी हमला बताया है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इजरायल पर हमास के हमलों के परिणामों को लेकर सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान अल-सऊद से बात की। भारत ने दोटूक शब्दों में कहा कि उसने हमेशा फिलिस्तीन को एक राष्ट्र के रूप में मान्यता दी है, जो इजरायल के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल सके। भारतीय विदेश मंत्री और सऊदी विदेश मंत्री के बीच यह बातचीत संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के समकक्ष शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान के साथ हुई बातचीत के बाद हुई है। सऊदी अरब के विदेश मंत्री के साथ बातचीत में एस जयशंकर ने अपना रुख जाहिर करते हुए कहा कि मिडिल ईस्ट में फैली अशांति के लिए भारत हमास को जिम्मेदार मानता है।  

भारत, इजरायल के साथ-साथ सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और कतर जैसे प्रमुख अरब देशों के साथ घनिष्ठ और रणनीतिक संबंध साधा करता है। इजरायल के घटनाक्रम पर भारतीय की शुरुआती प्रतिक्रिया कई अरब देशों की परेशानी बढ़ा सकती है क्योंकि कई अरब देश हमास और इजरायल के युद्ध में फिलिस्तीन का पक्ष ले चुके हैं। 

संयुक्त अरब अमीरात और बहरीन जैसे देशों ने अमेरिका समर्थित अब्राहम समझौते पर हस्ताक्षर कर इजरायल के साथ संबंध बेहतर कर लिए हैं। ये देश कुछ अरब देशों में से थे जिन्होंने इजरायल पर हमास के हमले की निंदा की है। दोनों देशों ने हमास के हमलों को गंभीर और खतरनाक बताया और बंधकों के रूप में इजरायली नागरिकों के अपहरण की निंदा की।

ठीक इसके उलट कुवैत, ओमान, कतर और सऊदी अरब जैसे अन्य अरब देशों ने फिलिस्तीनियों के खिलाफ हिंसा की वृद्धि के लिए इजरायली सेना को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने अल-अक्सा मस्जिद में बार-बार घुसपैठ का भी विरोध किया है। हालांकि, इन देशों के विदेश मंत्रालयों द्वारा जारी बयानों में भी विशेष रूप से हमास का नाम नहीं लिया गया मगर इससे यह साफ जाहिर होता है कि इस मुद्दे पर अरब देशों के भीतर काफी मतभेद हैं।

वहीं सऊदी अरब के वास्तविक शासक क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने हमास के हमले के बदले इजरायल की कार्रवाई पर फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास से बातचीत की। उन्होंने विश्वास दिलाया कि सऊदी अरब फिलिस्तीनी लोगों के अपने अधिकार हासिल करने, न्यायपूर्ण और स्थायी शांति प्राप्त करने में उनके साथ खड़ा रहेगा।

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