The judge used to work very slowly discharged from the court Now questions are raised on Joe Biden also - International news in Hindi बहुत धीरे काम करती थीं जज, कोर्ट से कर दी गई छुट्टी; अब जो बाइडेन पर भी उठे सवाल, International Hindi News - Hindustan
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बहुत धीरे काम करती थीं जज, कोर्ट से कर दी गई छुट्टी; अब जो बाइडेन पर भी उठे सवाल

अमेरिका की एक फेडरल कोर्ट में जज 96 साल की पॉलिन न्यूमैन को सस्पेंड कर दिया गया। उनके सहकर्मियों का ही कहना था कि वह बहुत स्लो फैसले लेती हैं। उम्र को लेकर जो बाइडेन पर भी सवाल खड़े किए गए।

Ankit Ojha एजेंसियां, वॉशिंगटनThu, 21 Sep 2023 09:44 AM
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बहुत धीरे काम करती थीं जज, कोर्ट से कर दी गई छुट्टी; अब जो बाइडेन पर भी उठे सवाल

अमेरिका में सबसे बुजुर्ग फेडरल जज को उनकी मानसिक हालत की वजह से सस्पेंड कर दिया गया। इसके बाद राष्ट्रपति जो बाइडेन (80) और डोनाल्ड ट्रंप (77) की उम्र को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं। जो बाइडेन के साथ भी ऐसा कई बार हुआ है कि वह प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ही विषय से भटककर अजीब बातें करने लगे हैं। बता दें कि राजधानी वॉशिंगटन में 1984 से फेडरल जज के रूप में काम करने वाली पॉलीन न्यूमैन की मानसिक योग्यता पर सवाल खड़े किए गए थे। लोगों का कहना था कि वह आम जज से चार गुना ज्यादा समय लेती हैं और बहुत कन्फ्यूज होती हैं। कई बार वह उत्तेजित भी हो जाती थीं। फिलहाल उन्हें एक साल के लिए निलंबित किया गया है लेकिन यह अवधि बढ़ाई भी जा सकती है। 

अदालत के सहकर्मियों ने सबूत जुटाए कि पालीन को मेमोरी लॉस, भ्रम और बुनियादी कार्यों की समझ में दिक्कत हो रही है। पहले पॉलीन की मानसिक हालत की जांच करवाने के लिए न्यूरोलॉजिस्ट और मनोचिकित्सक की भी मदद लेने का विचार हुआ था लेकिन जज ने ही इस बात से इनकार कर दिया। न्यूमैन का वर्कलोड बहुत कम कर दिया गया था। बावजूद इसके वह बहुत समय लेती थीं। अप्रैल से ही उनको कोई केस नहीं दिया जा रहा था। 

1927 में जन्मीं न्यूमैन ने येल यूनिवर्सिटी से केमिस्टीर में पीएचडी की थी। इसके बाद वह पेटेंट लॉ एक्सपर्ट बन गईं। 1984 में फेडरल सर्किट में उन्हें जज बना दया गया। उन्हें पेटेंट सिस्टम की हिरोइन भी कहा जाता था। हालांकि जज का कहना है कि उनको हटाने के लिए पूरी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। न्यूमैन का कहना है कि दुसरे जजों से विवाद के चलते उन्हें टारगेट किया गया है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई गलत है। 
 

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