Saudi Arabia detains people praying for Gaza in holy sites Arrests are being made in Mecca-Medina - International news in Hindi बर्दाश्त नहीं गाजा का समर्थन, सऊदी ने सुनाया फरमान; मक्का में हो रही गिरफ्तारी, International Hindi News - Hindustan
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बर्दाश्त नहीं गाजा का समर्थन, सऊदी ने सुनाया फरमान; मक्का में हो रही गिरफ्तारी

सऊदी अरब के तीर्थ स्थलों पर गाजा के लिए प्रार्थनाएं करने पर सख्ती लगा दी गई है। ब्रिटिश अभिनेता इस्लाह अब्दुर-रहमान ने कहा कि उन्हें फिलिस्तीनी काफिया पहनने के कारण सैनिकों ने हिरासत में ले लिया।

Admin लाइव हिन्दुस्तान, मक्काSat, 18 Nov 2023 01:12 AM
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बर्दाश्त नहीं गाजा का समर्थन, सऊदी ने सुनाया फरमान; मक्का में हो रही गिरफ्तारी

सऊदी अरब ने अपने तीर्थ स्थलों पर गाजा के लिए प्रार्थना करने वालों और फिलिस्तीन के लिए समर्थन दिखाने वालों पर सख्ती दिखाई है। इस कड़ी में सऊदी अरब मक्का और मदीना में पवित्र स्थलों पर गाजा के लिए एकजुटता दिखाने वालों और फिलिस्तीन के लिए प्रार्थना करने वाले को हिरासत में ले रहा है। एक ब्रिटिश अभिनेता और प्रजेंटर इस्लाह अब्दुर-रहमान ने कहा कि उन्हें फिलिस्तीनी केफियेह (काफिया) पहनने के कारण सैनिकों ने हिरासत में लिया गया था। रहमान ने अक्टूबर के अंत में सबसे पवित्र इस्लामिक तीर्थयात्रा की थी और सऊदी अरब में फिलिस्तीन के लिए एकजुटता दिखाई। उन्होंने मिडिल ईस्ट आई को बताया, "मेरे सिर के चारों ओर एक सफेद काफिया और मेरी कलाई में एक फिलिस्तीनी रंग की तस्बीह (एक माला) पहनने के कारण मुझे चार सैनिकों ने रोका।"

इंटरव्यू में रहमान ने कहा, "मुझे एक ऑफ-साइट स्थान पर ले जाया गया जहां उन्होंने अपराध की आशंका में हिरासत में लिए गए लोगों को रखा था। जहां मुझे हिरासत में लिया गया वहां अन्य अधिकारी भी थे जिन्होंने मुझसे पूछताछ की और मुझसे मेरी नागरिकता के बारे में पूछा। उन्होंने पूछा कि मैं यहां क्यों आया हूं, मैंने कहां से यात्रा की, मैं कितने समय से यहां हूं।"  

काफिया की वजह से किया गिरफ्तार
इसके बाद अधिकारियों ने अब्दुल रहमान से पूछा कि उन्होंने काफिया क्यों पहना था? उन्होंने कहा, "यह स्पष्ट था कि उन्हें काफिया को लेकर समस्या थी। वे अरबी में बात कर रहे थे लेकिन 'फिलिस्तीनी काफिया' दोहराते रहे और उसे बार-बार देख रहे थे।" काफिया सौंपने के बाद, अब्दुल रहमान को एक रिलीज फॉर्म पर हस्ताक्षर करने और उसकी उंगलियों के निशान लेने के लिए मजबूर किया गया। आध्यात्मिक धार्मिक यात्रा के दौरान अब्दुल रहमान अब जहां खुद को देख रहे थे, वह एक जेल थी। उन्हें यह अनुभव पूरी तरह से सदमा देने वाला था।

रहमान ने आगे कहा, "अंत में, जब मुझे रिहा किया गया, तो एक कार्यकर्ता मेरे पास आया, मेरा हिजाब उठाया और कहा: यह अच्छा नहीं है, इजरायल और फिलिस्तीन अच्छे नहीं हैं, इसलिए इसे मत पहनो, इसकी अनुमति नहीं है।" उन्होंने बताया, "सबसे पहले मैं वास्तव में डर गया था, क्योंकि मैं एक ऐसे देश में था जो मेरा नहीं था और मेरे पास कोई अधिकार नहीं था और वे मेरे साथ कुछ भी कर सकते थे और मुझे कुछ कहने का अधिकार नहीं था, इसलिए मैं डर गया था।"

लगातार हो रही गिरफ्तारी 
रिपोर्ट्स की मानें तो सऊदी अधिकारी उन उपासकों को गिरफ्तार कर रहे हैं जो गाजा के साथ एकजुटता का संकेत देते हैं और मक्का और मदीना के पवित्र स्थानों में फिलिस्तीन के लिए प्रार्थना करते हैं। पिछले घटनाक्रम की तरह ही 10 नवंबर को भी गिरफ्तारी की गई। सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में एक अल्जीरियाई व्यक्ति हज की यात्रा के दौरान अपने अनुभवों को बता रहा था। शख्स ने बताया कि सऊदी अधिकारियों ने उसे भी फिलिस्तीनियों के प्रति सहानुभूति और उनके लिए प्रार्थना करने के लिए गिरफ्तार किया था। वीडियो में शख्स ने कहा, "फिलिस्तीन में हमारे भाइयों के लिए प्रार्थना करने के कारण मुझे छह घंटे से अधिक समय तक गिरफ्तार किया गया।"

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