कौन हैं कृष्ण कुमार मंटू? कभी नीतीश की पार्टी से विधायक रहे, अब बीजेपी कोटे से बने मंत्री
कृष्ण कुमार मंटू सारण से सांसद राजीव प्रताप रूडी के करीबी हैं। 2010 में वे अमनौर से जेडीयू के टिकट पर चुनाव जीत कर विधायक बने थे। 2020 में वे दोबारा बीजेपी से विधायक बने और अब नीतीश सरकार में मंत्री बनाए गए हैं।
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बिहार में नीतीश कैबिनेट का मंगलवार शाम विस्तार हो गया। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कोटे से 7 नए मंत्री बनाए गए हैं। उनमें कृष्ण कुमार मंटू का भी नाम शामिल है। मंटू सारण जिले की अमनौर सीट से बीजेपी के विधायक हैं। वह पहले सीएम नीतीश की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) से विधायक थे। कृष्ण कुमार मंटू को सारण से बीजेपी सांसद एवं केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी का करीबी माना जाता है।
कृष्ण कुमार मंटू कुर्मी जाति से आते हैं। वह किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने छात्र जीवन से राजनीति की शुरुआत की थी। इसके बाद पंचायत के मुखिया रहे। क्षेत्र में दबंग छवि के लिए जाने जाने वाले मंटू की पत्नी सविता देवी भी प्रखंड प्रमुख रही हैं। 2010 में अमनौर से कृष्ण कुमार जेडीयू के टिकट पर पहली बार विधायक चुने गए। 2015 में वे दोबारा चुनाव लड़े लेकिन बीजेपी के शत्रुध्न तिवारी से हार का सामना करना पड़ा।
कृष्ण कुमार मंटू को राजीव प्रताप रूडी का करीबी माना जाता है। बताया जाता है कि उनके कहने पर ही 2020 के विधानसभा चुनाव से पहले मंटू जेडीयू छोड़कर बीजेपी में आ गए। रूडी से नजदीकी के चलते बीजेपी ने उन्हें अमनौर से टिकट दिया और वे दोबारा इस सीट से विधायक चुने गए।
कृष्ण कुमार उर्फ मंटू सिंह पटेल इसी महीने पटना में कुर्मी एकता रैली आयोजित कर चर्चा में आए थे। वह पटेल छात्रावास निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष भी हैं। यह ट्रस्ट विभिन्न जिलों में पटेल समाज के छात्रों के लिए हॉस्टल चलाता है। वह पहली बार नीतीश सरकार में मंत्री बनाए गए हैं।