जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हट ही चुका है और राम मंदिर पर काम चल रहा है। भाजपा के तीन कोर मुद्दे रहे हैं, जिनमें से दो पर काम वह कर चुकी है। अब तीसरा मसला समान नागरिक संहिता का बचता है।
अमेरिका की धरती से राहुल गांधी ने जातीय जनगणना का मुद्दा उठाया है। उन्होंने कहा कि इसकी जरूरत है क्योंकि यह देश का एक्सरे करने जैसा होगा। इससे देश के गरीबों को योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।
प्रकाश करात ने कहा कि यदि हमारी सरकार बनती है तो कैबिनेट की पहली ही मीटिंग में पुरानी पेंशन स्कीम बहाल करने का फैसला लिया जाएगा। त्रिपुरा में यह मुुद्दा भाजपा के गले की फांस बन सकता है।
PFRDA, एनपीएस के तहत अगले साल मई-जून तक दुनिया की पहली न्यूनतम तय रिटर्न योजना शुरू करेगा। नियामक का कहना है कि इस तय रिटर्न योजना में 10 साल के लिए चार से पांच फीसदी सालाना रिटर्न की गारंटी होगी।
राज्यसभा में भी मंगलवार को यह मुद्दा उठा था। भाजपा सांसद सुशील मोदी के एक सवाल के जवाब में वित्त राज्य मंत्री भागवत कराड ने कहा कि पीएफआरडीए ने बताया है कि एनपीएस के रिफंड का कोई नियम नहीं है।
सरकार कर्मचारियों को उनकी पेंशन आय को बढ़ावा देने के लिए व्यवस्थित निकासी योजनाओं (एसडब्ल्यूपी) और मुद्रास्फीति-आधारित उत्पादों में एनपीएस राशि का 40 फीसदी से अधिक निवेश करने की अनुमति देने पर भी विचार कर रही है।