एक बार फिर से दिल्ली की हवा खराब हो गई है। प्रदूषण के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने तत्काल प्रभाव से ग्रेडेड एक्शन प्लान यानी ग्रैप के पहले चरण को लागू कर दिया है। इसके तहत दिल्लीवालों के लिए कुछ बंदिशें लगाई जाएंगी।
जनवरी से मार्च के दौरान दिल्ली का एक्यूआई 231 था जबकि साल 2024 में इन्हीं तीन महीनों में यह 250 दर्ज किया गया था।
शनिवार को, शहर ने पिछले तीन सालों में 1 जनवरी से 15 मार्च के बीच अपनी सबसे साफ हवा का अनुभव किया, जिसमें AQI 85 था, जो 2025 का पहला 'संतोषजनक' वायु गुणवत्ता दिवस था।
दिल्ली में भले बढ़ता तापमान लोगों के पसीने छुड़ा रहा है,लेकिन इस बीच राहत की सांस भी है। दिल्लीवालों को लगातार दूसरे दिन साफ हवा का अहसास हुआ। आज AQI 100 से नीचे यानी 99 दर्ज किया गया।
भारत के जिन 13 शहरों को सबसे प्रदूषित माना गया है, उनमें पंजाब से लेकर मेघायल तक के शहर हैं। इस लिस्ट में बर्नीहाट पहले नंबर पर है तो वहीं दिल्ली दूसरे स्थान पर है। दुनिया में दिल्ली सबसे प्रदूषित राजधानी की श्रेणी में भी है। इसके अलावा पंजाब का मुल्लानपुर तीसरे स्थान पर है। चौथे पर फरीदाबाद है।
दिल्ली के प्रदूषण को लेकर आज मंजिंदर सिंह सिरसा ने एक मैराथन मीटिंग की थी जिसमें प्रदूषण की रोकथाम के लिए 5 बड़े फैसले लिए गए हैं।
प्रदूषण की समस्या को लेकर सोशल मीडिया पर की गई आपकी टिप्पणी पर अब तत्काल कार्रवाई होगी। आपको केवल प्रदूषण के स्रोत के साथ की गई टिप्पणी में संबंधित विभाग को टैग करना होगा। सीएक्यूएम ने शिकायतों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया जारी की है।
भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में करीब 99% आबादी ऐसी हवा में सांस ले रही है, जो विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) के मानकों पर खरी नहीं उतरती। वायु प्रदूषण के कारण हर साल करीब 70 लाख लोगों की असमय मौत हो जाती है।
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को 2018 के अपने उस आदेश को सख्ती से लागू करने का आदेश दिया है, जिसमें NCR में चलने वाले वाहनों पर कलर कोडेड स्टिकर लगाने को कहा था।
Delhi-NCR Air: दिल्ली-एनसीआर में शनिवार सुबह ज्यादातर मॉनिटरिंग स्टेशनों पर वायु गुणवत्ता मध्यम से खराब दर्ज की गई। दूसरी ओर आसमान में कोहरे की हल्की परत छाई रही। केंद्र के समीर ऐप के अनुसार, दिल्ली में शनिवार सुबह करीब 7 बजे समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 195 था।