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कैसे एक मछुआरा शाहजहां शेख बना इतना ताकतवर, ED तक पर करा दिया अटैक; TMC में बढ़ता गया रुतबा

बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में ईडी पर हमला कराने वाला शाहजहां शेख कभी एक मछुआरा हुआ करता था। उसने कैसे कुछ सालों में ही इतनी ताकत पा ली, हर कोई यह जानना चाहता है। वह टीएमसी के कई नेताओं का करीबी है।

Surya Prakash लाइव हिन्दुस्तान, कोलकाताMon, 8 Jan 2024 10:51 AM
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कैसे एक मछुआरा शाहजहां शेख बना इतना ताकतवर, ED तक पर करा दिया अटैक; TMC में बढ़ता गया रुतबा

पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में टीएमसी नेता शाहजहां शेख के घर छापेमारी करने पहुंची ईडी की टीम पर भीषण हमला हुआ था। इसे लेकर अब राजनीति शुरू हो गई है और ईडी ने शाहजहां शेख के खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी किया है। अब तक शाहजहां शेख को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। अब इस पर राज्यपाल आनंद बोस ने बंगाल सरकार से रिपोर्ट मांग ली है। यही नहीं उन्होंने आरोप लगाया है कि शाहजहां शेख के आतंकी लिंक हो सकते हैं और उसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने पूछा है कि शाहजहां शेख आखिर भारत में ही है या फिर उसने सीमा पार कर ली है? बता दें कि उत्तर 24 परगना जिला बांग्लादेश की सीमा से लगता है।

दरअसल शुक्रवार को ईडी की टीम शाहजहां शेख के घर पर छापेमारी को पहुंचे थे। इस बीच ग्रामीणों और उनके समर्थकों ने ईडी की टीम पर हमला बोल दिया। इसमें तीन ईडी अधिकारी बुरी तरह घायल हो गए थे, जिन्हें अस्पताल में एडमिट कराना पड़ा था। राशन घोटाले में घिरे शाहजहां शेख के पास आखिर इतनी ताकत कैसे आई और उसका कितना प्रभाव है। यह हर कोई जानना चाहता है। राशन घोटाले में बंगाल के मंत्री ज्योतिप्रिय मलिक को पहले ही अरेस्ट किया जा चुका है। आइए जानते हैं, कौन है TMC का 'भाई' शाहजहां शेख, जिसका इलाके में है दबदबा...

'भाई' नाम से मशहूर हुआ शाहजहां, देता रहा है भड़काऊ बयान

मछुआओं के बीच शाहजहां शेख 'भाई' के नाम से जाना जाता है। 42 साल के शाहजहां शेख ने संदेशखाली ब्लॉक में मछलीपालन से शुरुआत की थी। यह इलाका बांग्लादेश से सटा है और उस पर घुसपैठियों को शरण देने के भी आरोप लगते रहे हैं। शाहजहां शेख ने 2004 में राजनीति में एंट्री की थी और फिर वह सीपीएम से जुड़ गया था। हालांकि कुछ सालों बाद वह टीएमसी में आ गया। भड़काऊ बयानों और संगठन कौशल के लिए चर्चित शाहजहां शेख जल्दी ही टीएमसी लीडरशिप की नजरों में आ गया। 

कैसे टीएमसी में पकड़ बनाता चला गया शाहजहां शेख

कहा जाता है कि शाहजहां शेख की करीबी मुकुल रॉय से थी और उनके राष्ट्रीय महासचिव रहने के दौरान ही उसने पार्टी में एंट्री की थी। फिर वह ज्योतिप्रिय मलिक के करीब आ गया। टीएमसी की सरकार के दौरान उसे उत्तर 24 परगना में मछली पालन का प्रभारी बना दिया गया। इससे उसकी आर्थिक और राजनीतिक ताकत दोनों बढ़ती चली गईं। यही नहीं उसका इलाके में इतना दबदबा हो गया कि लोगों के लड़ाई-झगड़ों के मामले तक वह हल कराने लगा। मुस्लिम बहुल इलाके में वह 'भाई' के तौर पर प्रचलित हो गया। उसके छोटे भाई भी टीएमसी से जुड़े हैं और प्रॉपर्टी के धंधे में हैं। 

किसी के लिए मसीहा तो किसी के लिए आतंक का दूसरा नाम शाहजहां शेख

टीएमसी के ही स्थानीय नेता बताते हैं कि शाहजहां शेख का इलाके में सम्मान भी है और डर भी। वह अपने समर्थकों के लिए मसीहा है तो विरोधियों के लिए आतंक का पर्याय है। उसकी इलाके में रॉबिनहुड वाली इमेज है। आपराधिक मामलों में वह शामिल रहा है, लेकिन बच्चों की तस्करी को रोकने के लिए उसने प्रयास किए थे। इसकी वजह से वह काफी चर्चित हुआ।

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