मौत के 128 साल बाद दफनाया गया चोर, आखिरी दर्शन को उमड़े लोग; इतनी देरी की क्या थी वजह
अमेरिका के एक चोर को मौत के 128 साल बाद दफनाया गया। उसके आखिरी दर्शन को बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। उसे श्रद्धांजलि दी।

अमेरिका के एक चोर को मौत के 128 साल बाद दफनाया गया। उसके आखिरी दर्शन को बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। लोगों ने उसे श्रद्धांजलि दी। अमेरिकी पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इसकी 1895 में जेल में ही मौत हो गई थी। तब इसे ममी बना दिया गया था। जेल अधिकारियों ने बताया कि इतनी देरी की क्या वजह थी?
मिली जानकारी के अनुसार, "स्टोनमैन विली" नाम के इस चोर ने 19वीं सदी में अमेरिका के कई शहरों में पुलिस की नाक में दम कर दिया था। उसे गिरफ्तार किया गया, जहां 1895 में इसकी जेल में ही मौत हो गई थी। जेल अधिकारियों के मुताबिक, उसे थियो सी. औमन अंतिम संस्कार गृह ले जाया गया था। तब किसी ने भी शव पर दावा नहीं किया। इसके बाद गलती से उसके शरीर को ममीकृत कर दिया गया।
पॉकेटमारी में पकड़ा गया था
पुलिस के अनुसार, इसे पॉकेटमारी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। जेल में मौत के 128 साल बाद तक रीडिंग शहर में पुलिस शवगृह में ममी के रूप में रखे गए इस चोर को दफना दिया गया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, हाल ही के दिनों में इसके शव को सार्वजनिक किया गया, जहां बड़ी संख्या में लोग उसे श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे। लोग इसे देखने के लिए कतार लगाकर खड़े दिए।
अंत्येष्टि गृह के निदेशक काइल ब्लैंकेनबिलर ने दफ़नाने से पहले एएफपी को बताया, "128 साल बाद शव को दफना दिया गया है।"
सीबीएस न्यूज के मुताबिक इसे स्टोनमैन विलि के नाम से जरूर जाना जाता था। लेकिन, उसकी असली पहचान कुछ और ही थी। बीते शनिवार के समारोह के दौरान इसका खुलासा हुआ, उसका नाम जेम्स मर्फी था। ब्लैंकेनबिलर ने कहा, विली रीडिंग हिस्ट्री का एक विचित्र सदस्य बन गया था। "हमारे विचित्र दोस्त" को सबसे अच्छी विदाई दी गई।
विली के सेलमेट के अनुसार, पॉकेटमारी के आरोप में गिरफ्तार किए गए व्यक्ति ने चोरी के दौरान अपना काल्पनिक नाम जेम्स पेन अपनाया क्योंकि वह अपने अमीर आयरिश पिता को शर्मिंदा नहीं करना चाहता था। स्टोनमैन विली को 1890 के दशक के पुराने काले टक्सीडो में दफनाया गया।
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