भारत के पास कितना सोना, गोल्ड रिजर्व के मामले में अमेरिका धनकुबेर
Gold Reserve: दुनिया में सबसे अधिक सोने का भंडार किस देश के पास है? दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा सोने का आयातक होने के बावजूद भारत अभी जिस पोजीशन पर है, उसे जानकर आपको हैरानी होगी।

Gold Reserve: अमेरिका सोने के मामले में धनकुबेर है। अभी सबसे अधिक गोल्ड रिजर्व यानी सोने का भंडार अमेरिका के पास है। जर्मनी दूसरे नंबर पर है, जबकि भारत नौवें नंबर पर। गोल्ड रिजर्व किसी भी देश की आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विशेष रूप से तब, जब समय वित्तीय अनिश्चितताओं भरा हो। यह किसी भी राष्ट्र के लिए सबसे भरोसेमंद भंडार के रूप में कार्य करता है। बता दें कोई भी देश जितना नोट छापता है, उसे उतने का गोल्ड रिजर्व रखना पड़ता है।
डिपॉजिट के रूप में 1970 के दशक में आधिकारिक तौर पर रिजेक्ट दिए जाने के बावजूद कई देशों में अभी भी सोने के भंडार बने हुए हैं और अब दुनिया में बढ़ती आर्थिक अनिश्चितता के कारण इन भंडारों की मांग बढ़ रही है। दुनिया भर के केंद्रीय बैंक एक बार फिर गोल्ड को सेफ हेवेन एसेट के रूप में प्राथमिकता दे रहे हैं। गोल्ड रिजर्व किसी देश की साख और उसकी आर्थिक स्थिति को प्रभावित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
फोर्ब्स के अनुसार संयुक्त राज्य अमेरिका के पास दुनिया का सबसे अधिक 8,1336.46 टन सोने का भंडार है। दूसरे नंबर पर जर्नी है। इसके पास 3,352.65 टन का गोल्ड रिजर्व है। इटली तीसरे नंबर पर है। इटली के पास 2,451.84 टन सोना रिजर्व है। जबकि, फ्रांस के पास 2,436.88 टन सोने का भंडार है और यह चौथे नंबर पर है।
भारत से अधिक सोना चीन के पास: रूस पांचवें स्थान पर है और इसके पास गोल्ड रिजर्व के रूप में 2,332.74 टन सोना है। अपने पड़ोसी देश चीन के पास 2,191.53 टन सोने का भंडार है और यह छठे स्थान पर है। सातवें स्थान पर स्विट्जरलैंड है, जिसके पास 1,040.00 टन सोने का भंडार है। जबकि, जापान के पास 845.97 टन गोल्ड रिजर्व है।
भारत के पास कितना सोना: फोर्ब्स की टॉप-10 लिस्ट में भारत 800.78 टन स्वर्ण भंडार के साथ नौवें स्थान पर है। नीदरलैंड 10वें स्थान पर है और इसके पास 612.45 टन सोना है।
क्यों रखा जाता है गोल्ड रिजर्व: गोल्ड रिजर्व रखने के कई कारण हैं। सबसे महत्वपूर्ण कारण है सोने की वैल्यू, जिसकी वजह से इसे एक स्थिर और भरोसेमंद भंडार के रूप में देखा जाता है। वित्तीय अनिश्चितता के समय में सोना इकोनॉमिक स्टेबिलिटी के प्रति भरोसा पैदा करता है। इसके अलावा सोना ऐतिहासिक रूप से किसी देश की मुद्रा के मूल्य को सपोर्ट करने बड़ा योगदान दिया है।
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