उन्नाव की तीन बहनों को मिली बड़ी कामयाबी, एक साथ बनीं यूपी पुलिस कांस्टेबल, दिवंगत पिता का सपना किया पूरा
उन्नाव की तीन सगी बहनों ने कमाल कर दिया है। तीनों ने एक साथ सिपाही भर्ती परीक्षा पास की। इससे न केवल अपने परिवार का नाम रोशन किया, बल्कि अपने दिवंगत पिता के अधूरे सपने को भी साकार किया।

यूपी के उन्नाव में तीन सगी बहनों को बड़ी कामयाबी मिली है। तीनों ने एक साथ सिपाही भर्ती परीक्षा पास कर न केवल अपने परिवार का नाम रोशन किया,बल्कि अपने दिवंगत पिता के अधूरे सपने को भी साकार किया। बहनों की इस कामयाबी के पीछे उनकी कड़ी मेहनत है। इसके अलावा सोनभद्र की भी तीन बहनों ने एक साथ परीक्षा पास कर इतिहास रचा है।
उन्नाव के हसनगंज तहसील के सुंदरपुर गांव की रहने वाली कल्पना और उनकी दो छोटी बहनें अर्चना व सुलोचना का नाम होली के दिन जारी हुई। सिपाही भर्ती परीक्षा की चयन सूची में आया। बेटियों की सफलता से परिवार में खुशी की लहर दौड़ गयी। कल्पना के पिता रवींद्र कुमार होमगार्ड के पद पर कार्यरत थे लेकिन 2017 में बीमारी के कारण उनका निधन हो गया था। पिता की मौत के बाद कल्पना ने मृतक आश्रित कोटे में होमगार्ड की नौकरी प्राप्त की और अपनी मां, राजकुमारी, दो बहनों और छोटे भाई की जिम्मेदारी उठाई।
शहर के सिविल लाइंस में रहकर तीनों बहनों ने कड़ी मेहनत की और सिपाही भर्ती परीक्षा दी। परिणाम घोषित होने पर एक साथ तीनों का चयन हुआ। जिससे उनके सपनों को उड़ान मिल गई। कल्पना ने कहा, “पिता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी मेरे कंधों पर थी। अब जब हम तीनों बहनें पुलिस में चयनित हो गई हैं तो छोटे भाई का भविष्य संवारना मेरा अगला संकल्प है।”
सोनभद्र की बेटियों ने एक साथ बनीं सिपाही
सोनभद्र जिले के रहने वाली तीन बहनों ने भी अपनी मेहनत और लगन के बल पर उत्तर प्रदेश पुलिस की सिपाही भर्ती परीक्षा में सफलता प्राप्त कर न केवल अपने माता-पिता बल्कि अपने गांव और क्षेत्र का भी नाम रोशन किया। कर्मा थाना क्षेत्र के करकी गांव के निवासी पेशे से किसान अनिल सिंह पटेल की बेटियां सुमन सिंह पटेल, मंजू सिंह पटेल और आराधना सिंह पटेल ने एक साथ सिपाही भर्ती परीक्षा में भाग लिया था और तीनों बहनों ने सफलता प्राप्त की।
सफलता प्राप्त करने वाली बहनों में से एक सुमन सिंह ने बताया कि उसकी माता गृहणी तथा पिता किसान हैं। जबकि उसके दादा यज्ञ नारायण सिंह पटेल स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। तीनों बहनों ने अपनी माध्यमिक स्तर की शिक्षा हंस वाहिनी इंटरमीडिएट कॉलेजऔर आगे की शिक्षा जे पी एस महाविद्यालय से पूरी की थी। उन्होंने बताया कि उनके दादाजी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। जिनके आदर्शों पर चलते हुए उनकी शुरू से ही पुलिस में जाकर देश और समाज की सेवा करने की इच्छा थी।
यूपी के उन्नाव में तीन सगी बहनों को बड़ी कामयाबी मिली है। तीनों ने एक साथ सिपाही भर्ती परीक्षा पास कर न केवल अपने परिवार का नाम रोशन किया,बल्कि अपने दिवंगत पिता के अधूरे सपने को भी साकार किया। बहनों की इस कामयाबी के पीछे उनकी कड़ी मेहनत है। इसके अलावा सोनभद्र की भी तीन बहनों ने एक साथ परीक्षा पास कर इतिहास रचा है।
उन्नाव के हसनगंज तहसील के सुंदरपुर गांव की रहने वाली कल्पना और उनकी दो छोटी बहनें अर्चना व सुलोचना का नाम होली के दिन जारी हुई। सिपाही भर्ती परीक्षा की चयन सूची में आया। बेटियों की सफलता से परिवार में खुशी की लहर दौड़ गयी। कल्पना के पिता रवींद्र कुमार होमगार्ड के पद पर कार्यरत थे लेकिन 2017 में बीमारी के कारण उनका निधन हो गया था। पिता की मौत के बाद कल्पना ने मृतक आश्रित कोटे में होमगार्ड की नौकरी प्राप्त की और अपनी मां, राजकुमारी, दो बहनों और छोटे भाई की जिम्मेदारी उठाई।
शहर के सिविल लाइंस में रहकर तीनों बहनों ने कड़ी मेहनत की और सिपाही भर्ती परीक्षा दी। परिणाम घोषित होने पर एक साथ तीनों का चयन हुआ। जिससे उनके सपनों को उड़ान मिल गई। कल्पना ने कहा, “पिता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी मेरे कंधों पर थी। अब जब हम तीनों बहनें पुलिस में चयनित हो गई हैं तो छोटे भाई का भविष्य संवारना मेरा अगला संकल्प है।”
सोनभद्र की बेटियों ने एक साथ बनीं सिपाही
सोनभद्र जिले के रहने वाली तीन बहनों ने भी अपनी मेहनत और लगन के बल पर उत्तर प्रदेश पुलिस की सिपाही भर्ती परीक्षा में सफलता प्राप्त कर न केवल अपने माता-पिता बल्कि अपने गांव और क्षेत्र का भी नाम रोशन किया। कर्मा थाना क्षेत्र के करकी गांव के निवासी पेशे से किसान अनिल सिंह पटेल की बेटियां सुमन सिंह पटेल, मंजू सिंह पटेल और आराधना सिंह पटेल ने एक साथ सिपाही भर्ती परीक्षा में भाग लिया था और तीनों बहनों ने सफलता प्राप्त की।
सफलता प्राप्त करने वाली बहनों में से एक सुमन सिंह ने बताया कि उसकी माता गृहणी तथा पिता किसान हैं। जबकि उसके दादा यज्ञ नारायण सिंह पटेल स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। तीनों बहनों ने अपनी माध्यमिक स्तर की शिक्षा हंस वाहिनी इंटरमीडिएट कॉलेजऔर आगे की शिक्षा जे पी एस महाविद्यालय से पूरी की थी। उन्होंने बताया कि उनके दादाजी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। जिनके आदर्शों पर चलते हुए उनकी शुरू से ही पुलिस में जाकर देश और समाज की सेवा करने की इच्छा थी।|#+|
60,244 उम्मीदवारों का हुआ चयन
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने 13 मार्च को सीधी भर्ती-2023 के तहत पुलिस आरक्षी पदों के लिए 60,244 उम्मीदवारों के चयन की घोषणा की थी। पिछले साल 17 और 18 फरवरी को शुरू में आयोजित भर्ती परीक्षा को पेपर लीक के आरोपों के कारण रद्द कर दिया गया था। यह घटना आम चुनाव के दौरान एक राजनीतिक मुद्दा भी बन गई थी, जिसके कारण राज्य सरकार ने अगस्त में फिर से परीक्षा आयोजित होने पर परीक्षा केंद्रों पर कड़े सुरक्षा उपाय लागू किए थे। भर्ती अभियान के प्रति जबर्दस्त उत्साह देखा गया जिसमें 60,244 पदों के लिए 48,17,441 उम्मीदवारों ने आवेदन किया था।