80 किमी प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार के साथ इस तूफान के बांग्लादेश के तट पर पहुंचने से पहले सुंदरवन से गुजरने के आसार हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने एक बुलेटिन में यह जानकारी दी गई।
हामून चक्रवात बुधवार को ही बांग्लादेश के तट से टकरा चुका है। इसके बाद भी भारत के कुछ तटीय इलाकों में हल्की बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग ने हमून चक्रवात को लेकर मंगलवार को ताजा जानकारी दी है। इसके मुताबिक यह भीषण चक्रवात अभी उत्तरी पश्चिमी और उससे जुड़े उत्तरी पूर्वी बंगाल की खाड़ी में है। यह बुधवार को बांग्लादेश से टकराएगा।
मौसम विभाग का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में भी कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। ऐसे में 24 अक्टूबर तक यह भी चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। वहीं तेज अरब सागर में बन चुका है।
बिपारजॉय चक्रवात के टकराने के बाद से लगभग 180-200 पेड़ गिर चुके हैं, सभी को हटाने की व्यवस्था की जा रही है। प्रशासन स्थिति पर निगरानी रख रही हैं।
मौसम विभाग ने एक बयान में कहा कि 'बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान' बिपारजॉय उत्तरी अरब सागर में केंद्रित है और यह 115-125 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सौराष्ट्र तट के करीब आ रहा है।
पश्चिमी पाकिस्तान (आज के पाकिस्तान) में जनरल याहया खान के नेतृत्व वाली तत्कालीन सरकार ने दावा किया था कि करीब 191,951 शव बरामद किए गए और करीब 150,000 लोग लापता हैं।
Cyclone Red Alert: सौराष्ट्र और कच्छ के तटों के लिए एक रेड अलर्ट जारी किया है, जिसमें अधिकारियों को सड़कों,खड़ी फसलों और घरों के नुकसान के साथ-साथ बिजली आपूर्ति, संचार और रेलवे में व्यवधान की आशंका है
विश्लेषकों ने कहा कि फरवरी-मार्च के दौरान खराब मौसम के प्रभाव से न्यूजीलैंड में आर्थिक मंदी बढ़ी है।चक्रवाती बारिश ने फलों और सब्जी उगाने वाले क्षेत्रों को तबाह कर दिया और सड़कों को नष्ट कर दिया।
गुजरात ही नहीं बल्कि, बिपारजॉय का प्रभाव महाराष्ट्र और राजस्थान में भी महसूस किया जा सकता है। भारतीय राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने क्या करें और क्या न करें को लेकर कई दिशानिर्देशों जारी किए हैं।