कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस जीत कर आ तो रही है लेकिन इस चुनाव में पार्टी ने कई गलतियां की, जिसे उसे वापस से दोहराना नहीं चाहिए। बीजेपी के लिए भी ऐसी गलती उसकी सिरदर्दी बन सकती है।
VHP और उसकी युवा शाखा बजरंग दल ने रविवार को कहा कि उन्होंने कर्नाटक विधानसभा के लिए होने वाले मतदान से एक दिन पहले अर्थात नौ मई को पूरे देश में 'हनुमान चालीसा' के जाप का फैसला किया है।
इस बीच अब गुजरात में बजरंग दल ने पठान को लेकर एक नया और बड़ा ऐलान कर दिया है। बजरंग दल (Bajrang Dal) का कहना है कि बिना उन्हें दिखाए और उनकी अनुमति के बिना, पठान थिएटर्स में रिलीज नहीं हो पाएगी।
बीजेपी के विधायक भरत शेट्टी ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि किसी को कोई समस्या होनी चाहिए। बहुत से लोग सामने नहीं आते क्योंकि उन्हें लगता है कि बाहर आना और सार्वजनिक रूप से बात करना शर्म की बात है।
एआईयूडीएफ विधायक अमीनुल इस्लाम ने कहा, 'पीएफआई जिनता खतरनाक संगठन है उससे हजार गुना ज्यादा खतरनाक संगठन आरएसएस और बजरंग दल है। इस तरह के और भी अतिवादी संगठन हैं जो मॉब लिंचिंग करते हैं।'
बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने आफताब को मौत की सजा देने की मांग की। कार्यकर्ताओं ने कहा कि देश में जव जिहाद के मामले बढ़ते जा रहे हैं और इसे रोकने के लिए प्रशासन को सख्त ऐक्शन लेने की जरूरत है।
शनिवार शाम को 5.15 बजे के आसपास हिंदू समर्थक कार्यकर्ताओं ने बाइक पर सवार होकर सावरकर रैली निकाली थी। इसमें बजरंग दल के दिवंगत नेता हर्ष की बहन अश्विनी भी शामिल थी। इन पर कार में तोड़फोड़ का आरोप है।
महाराष्ट्र के बाद अब कर्नाटक में हनुमान चालीसा को लेकर विवाद शुरू हो गया है। वीएचपी और बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने मांड्या जिले में स्थित जामा मस्जिद के बाहर हनुमान चालीसा पढ़ने का ऐलान किया है।
कर्नाटक की जामा मस्जिद को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। विपिप और बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने ऐलान किया है कि वो मस्जिद में पूजा करेंगे क्योंकि वो पहले मंदिर था जिसे टीपू सुल्तान ने गिराकर मस्जिद बनाई।
अदालत ने पुलिस को ईश्वरप्पा के खिलाफ मामला दर्ज करने और भड़काऊ भाषणों के आरोपों की जांच करने के लिए कहा है, जिसमें मंत्री ने कथित तौर पर कहा था कि हर्ष की हत्या राजनीतिक और धार्मिक कारणों से हुई थी।