CBI ने अभिषेक बनर्जी से 9 घंटे तक की पूछताछ, TMC नेता बोले- यह समय की बर्बादी; जानें पूरा मामला
टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी ने कहा, 'अब 2024 में वोटबंदी होने वाला है। 2016 में मोदी जी ने 50 दिन का समय मांगा था, आज 7 साल हो गए हैं, क्या कालाधन खत्म हुआ? अब RBI 2000 रुपए बंद कर रहा है।'

सीबीआई अधिकारियों ने स्कूल भर्ती घोटाले की जांच के सिलसिले में टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी से करीब 9 घंटे तक पूछताछ की। जांच एजेंसी के कार्यालय से बाहर आने के बाद बनर्जी ने कहा कि सीबीआई ने मुझसे 9 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की। उन्होंने कहा कि यह उनके समय (सीबीआई समय) और मेरे समय की कुल बर्बादी थी। बनर्जी ने एजेंसी को एक पत्र लिखकर हाई कोर्ट के उस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने के अपने फैसले की जानकारी दी, जिसमें अदालत ने जांच एजेंसियों (सीबीआई और ईडी) को उनसे पूछताछ करने की अनुमति दी है।
अभिषेक बनर्जी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, 'अब 2024 में वोटबंदी होने वाला है। 2016 में मोदी जी ने 50 दिन का समय मांगा था, आज 7 साल हो गए हैं, क्या कालाधन खत्म हुआ? अब RBI 2000 रुपए बंद कर रहा है... उन्होंने इस बार खुद नहीं बोला बल्कि RBI से बुलवाया। बंदूक RBI के कंधे से चलेगी, प्रधानमंत्री के कंधे से नहीं। नोटबंदी करने से कुछ नहीं होगा। जो कर्नाटक में हुआ वह 2024 में फिर होगा। आप 10 साल से लोगों को गुमराह कर रहे हैं। रास्ते में 140 लोग मर गए उसका जिम्मेदार कौन है? देश के प्रधानमंत्री हैं।'
अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि उन्हें बुलाए जाने का असली कारण यह था कि उन्होंने 'दिल्ली के आकाओं का पालतू कुत्ता' बनने से इनकार कर दिया था और इसीलिए उन्हें निशाना बनाया गया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के जो नेता झुकने को तैयार नहीं हैं उन्हें परेशान किया जा रहा है, जबकि विभिन्न मामलों में शामिल भाजपा के नेताओं को छोड़ दिया गया है। सूत्रों के अनुसार, समझा जाता है कि सीबीआई अधिकारियों ने टीएमसी नेता से सवाल किया कि स्कूल भर्ती घोटाले के एक आरोपी कुंतल घोष ने क्यों आरोप लगाया है कि उन पर उनका नाम लेने के लिए दबाव डाला जा रहा है। माना जा रहा है कि अभिषेक बनर्जी ने कहा कि उन्हें घोष के बयान के पीछे के कारणों की कोई जानकारी नहीं है।
जानें क्या है पूरा मामला
टीएमसी नेता बनर्जी का नाम घोटाले में एक आरोपी कुंतल घोष की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत में सामने आया था। घोष ने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियां उन पर भर्ती घोटाले में उनका (अभिषेक बनर्जी का) नाम लेने का दबाव बना रही हैं। बनर्जी ने सीबीआई को लिखे पत्र में कहा, 'मैं शुरू से कहता रहा हूं कि मैं यह जानकर हैरान हूं कि यह नोटिस मुझे 19 मई 2023 की दोपहर भेजा गया, जिसमें मुझे 20 मई 2023 को दोपहर 11 बजे कोलकाता में आपके कार्यालय में पेश होने का निर्देश दिया गया है। मुझे इसका अनुपालन करने के लिए पूरे एक दिन का भी वक्त नहीं दिया गया।'
इस बात पर जोर देते हुए कि वह पश्चिम बंगाल के लोगों से जुड़ने के लिए 2 महीने की लंबी राज्यव्यापी यात्रा पर हैं... अभिषेक ने कहा कि उन्होंने सीबीआई जांच में पूर्ण सहयोग करने के लिए समन का अनुपालन करने का फैसला किया है। उन्होंने लिखा कि वह भारत के माननीय SC के समक्ष एक विशेष अनुमति याचिका दायर करने पर विचार कर रहे हैं, जिसमें दिनांक 18 मई 2023 के आदेश (कलकत्ता एचसी की ओर से पारित) को चुनौती दी जाएगी।' इससे पहले सुबह इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के शीर्ष नेताओं के करीबी सुजय कृष्ण भद्र के आवास पर स्कूल नौकरी घोटाले संबंधी अपनी जांच के सिलसिले में छापा मारा।
केंद्रीय एजेंसी के एक अधिकारी ने बताया कि 'कालीघाट एर काकू' (कालीघाट के चाचा) के नाम से महशहूर भद्र के बेहाला स्थित आवास पर छापा मारा गया। पश्चिम बंगाल के विभिन्न सरकारी और सहायताप्राप्त स्कूलों में की गई कथित अवैध नियुक्तियों में संलिप्तता के संबंध में भद्र 15 मार्च को सीबीआई के सामने पेश हुए थे। सीबीआई घोटाले के आपराधिक पहलू की जांच कर रही है, जबकि ईडी स्कूलों में भर्ती में कथित अनियमितताओं में धन के लेनदेन की जांच कर रही है। बनर्जी पश्चिम बंगाल में बांकुड़ा में जनसंपर्क कर रहे थे। उन्होंने शुक्रवार को कहा था कि वह केंद्रीय जांच एजेंसी द्वारा भेजे गए समन पर वापस कोलकाता जा रहे हैं।
( एजेंसी इनपुट के साथ)
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