लोकसभा चुनाव में झटके के बाद MLC चुनाव पर नजरें, एकजुट रहेगा महायुति? अजित पवार की अग्नि परीक्षा
राज्य की 48 लोकसभा सीटों में से विपक्षी MVA ने 30 सीटें जीती हैं। ऐसी चर्चा है कि एनसीपी नेता अजीत पवार के साथ जाने वाले लगभग 18-19 विधायक शरद पवार गुट के पास लौटने की कोशिश में हैं।

महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन लोकसभा चुनाव में अपने खराब प्रदर्शन का आकलन करने में जुटा है। इस बीच, महाराष्ट्र विधान परिषद की 11 सीटों के लिए 12 जुलाई को चुनाव होना है। इस दौरान सत्ताधारी गठबंधन के साथ ही विपक्ष के विधायकों की भी वफादारी की अग्नि परीक्षा हो सकती है। मालूम हो कि MLC चुनाव के लिए विधायकों को गुप्त मतदान करना होता है। कुछ विधायकों के सांसद बनने, मृत्यु और निलंबन के चलते विधानसभा की प्रभावी ताकत 288 से घटकर 274 हो गई है। ऐसे में महायुति अपने सहयोगियों को एकजुट रखने की कोशिश में पूरी ताकत से जुटा है।
महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले 27 जुलाई को 11 MLC रिटायर होने वाले हैं। इनमें से 4 भाजपा और 2 कांग्रेस से हैं। इसके अलावा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP), शिवसेना, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे), पीजेंट्स एंड वर्कर्स पार्टी और राष्ट्रीय समाज पार्टी से एक-एक हैं। मालूम हो कि राज्य की 48 लोकसभा सीटों में से विपक्षी महा विकास अघाड़ी (MVA) ने 30 सीटें जीती हैं। यह भी चर्चा है कि एनसीपी प्रमुख अजीत पवार के साथ जाने वाले लगभग 18-19 विधायक शरद पवार गुट के पास लौटने की कोशिश में हैं। यह स्थिति निश्चित तौर पर महायुति के लिए चिंता बढ़ाने वाली है।
अजित पवार की एनसीपी में टूट का दावा
एनसीपी (शरद पवार) के नेता रोहित पवार ने दावा किया कि अजित पवार के नेतृत्व वाली सत्तारूढ़ NCP के 18-19 विधायक उनके पाले में आ जाएंगे। उन्होंने कहा कि एनसीपी के कई विधायक हैं जिन्होंने जुलाई 2023 में पार्टी में हुए विभाजन के बाद कभी भी पार्टी के संस्थापक शरद पवार और अन्य वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ गलत बात नहीं की। उन्हें विधानसभा सत्र में भाग लेना है और अपने निर्वाचन क्षेत्रों के लिए विकास निधि प्राप्त करनी है। इसलिए वे सत्र समाप्त होने तक प्रतीक्षा करेंगे। राकांपा के 18 से 19 विधायक हमारे और पवार साहब के संपर्क में हैं, और वे मॉनसून सत्र के बाद उनके पक्ष में आ जाएंगे। अविभाजित एनसीपी ने 2019 के चुनावों में 54 विधानसभा सीटें जीती थीं। जुलाई 2023 में जब पार्टी विभाजित हुई, तो अजित पवार के नेतृत्व वाले गुट ने लगभग 40 विधायकों के समर्थन का दावा किया था। विधानमंडल का मॉनसून सत्र 27 जून से शुरू होगा और 12 जुलाई को समाप्त होगा। राज्य में अक्टूबर में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले यह आखिरी सत्र होगा।
भाजपा नेता समीक्षा बैठक के लिए दिल्ली रवाना
इस बीच, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार के साथ देर रात बैठक की। इसके बाद भाजपा के कुछ नेता समीक्षा बैठक के लिए दिल्ली रवाना हो गए। भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने लोकसभा चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन के संबंध में राज्य के नेताओं की समीक्षा बैठक बुलाई है। सूत्र ने कहा, ‘राज्य के भाजपा नेताओं के साथ इस तरह की समीक्षा बैठक एक नियमित प्रक्रिया है। फडणवीस ने कुछ दिन पहले नतीजे आने के बाद इस्तीफे की पेशकश की थी। उन्होंने कहा था कि वह राज्य विधानसभा चुनाव तक पार्टी के लिए पूर्ण रूप से काम करना चाहते हैं। दिल्ली की बैठक में इस पर भी चर्चा होगी।’
(एजेंसी इनपुट के साथ)
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।