रिपोर्ट के मुताबिक, शरद पवार ने स्पष्ट किया कि जहां भी (उन विधायकों के) शामिल होने से पार्टी को मदद मिलेगी और कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ेगा, उन्हें शामिल करने में कोई समस्या नहीं है।
शरद पवार गुट ने उनका पक्ष लेते हुए कहा कि भाजपा अजित पवार को बलि का बकरा बना रही है। महाराष्ट्र की राजनीति में यूं कुछ ही महीने में बने हुए रिश्ते बिगड़ते दिख रहे हैं और बिगड़े संबंध अब सुधर रहे हैं।
एनसीपी ने भी खुलकर पलटवार किया है। इसके साथ ही एनसीपी ने चेतावनी भी दी है कि यदि हमें इसी तरह टारगेट किया जाता रहा तो फिर हम गठबंधन पर अलग स्टैंड भी ले सकते हैं। ऐसा एनसीपी ने पहली बार कहा है।
सूत्रों के अनुसार, शिवसेना (यूबीटी) के नेताओं और छगन भुजबल के बीच पार्टी में उनकी स्वीकृति और उनकी वरिष्ठता के अनुसार उन्हें समायोजित करने पर शुरुआती बातचीत चल रही है।
राज्य की 48 लोकसभा सीटों में से विपक्षी MVA ने 30 सीटें जीती हैं। ऐसी चर्चा है कि एनसीपी नेता अजीत पवार के साथ जाने वाले लगभग 18-19 विधायक शरद पवार गुट के पास लौटने की कोशिश में हैं।
एक साल पहले अन्ना हजारे ने रामलीला मैदान में भूख हड़ताल की थी। वह अब तक आराम कर रहे थे। वह अचानक उठे और विपक्षी दल की चेतावनी पर सीधे उप मुख्यमंत्री अजीत पवार को निशाना बनाना शुरू कर दिया।
अजित पवार ने स्वीकार किया है कि इस बार महायुती पर किसानों की नाराजगी भारी पड़ी है। खास तौर पर प्याज उत्पादक किसानों की नाराजगी की वजह से एनडीए को नुकसान उठाना पड़ा।
Anna Hazare: शिखर बैंक लोन घोटाला मामले में मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने अपना रुख बदलते हुए एनसीपी नेता अजित पवार समेत कई आरोपी नेताओं को क्लीन चिट दे दी है।
आरएसएस ने अजित पवार की आलोचना की है और गठबंधन पर टारगेट किया है। इसके अलावा लोकसभा चुनाव के नतीजों में भी उसे झटका लगा है। इन हालातों में एनसीपी के अजित पवार गुट के लिए बने रह पाना मुश्किल हो गया है।
आपको बता दें कि महाराष्ट्र में राज्यसभा की एक सीट के लिए उपचुनाव हो रहा है। प्रफुल्ल पटेल के इस्तीफे से यह सीट खाली हुई है। एनसीपी की ओर से सुनेत्रा पवार को मैदान में उतारा जाएगा।