चारा घोटालाः सत्ता से हटने के पांच दिन बाद ही लालू प्रसाद को जाना पड़ा था जेल
बिहार झारखंड के सबसे चर्चित चारा घोटाला के एक मामले में राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद को फैसले के लिए निर्धारित तिथि 15 फरवरी को सीबीआई की विशेष अदालत में सशरीर हाजिर होना है।...

बिहार झारखंड के सबसे चर्चित चारा घोटाला के एक मामले में राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद को फैसले के लिए निर्धारित तिथि 15 फरवरी को सीबीआई की विशेष अदालत में सशरीर हाजिर होना है। लालू इसके लिए रांची पहुंच चुके हैं। यह मामला डोरंडा कोषागार से अवैध निकासी का है। चारा घोटाले का यह अंतिम मामला है जिसमें फैसला आना शेष है। 15 फरवरी को लालू प्रसाद यादव के भविष्य का बड़ा फैसला आने वाला है।
25 जुलाई 1996 को निकला था गिरफ्तारी वारंट, 30 जुलाई को लालू यादव ने किया था सरेंडर
जब चारा घोटाले की चर्चा उठती है तो घोटाले से जुड़ी सभी घटनाएं और तारीखें झलकने लगती हैं। यह लालू प्रसाद की बदकिस्मती थी कि सत्ता से हटने के महज पांच दिन बाद ही उन्हे चारा घोटाले में पहली बार जेल जाना पड़ा। 25 जुलाई 1996 को उनके खिलाफ पटना के विशेष न्यायालय ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। वारंट जारी होते ही लालू को मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़नी पड़ी थी। इसके बाद लालू ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दाखिल की थी। उसी दिन सुप्रीम कोर्ट ने 29 जुलाई तक लालू की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। 29 जुलाई को सर्वोच्च न्यायालय ने लालू की याचिका खारिज कर दी। तब जाकर 30 जुलाई को लालू यादव ने विशेष अदालत में सरेंडर किया और जेल गये। लालू प्रसाद से जुड़े चारा घोटाले के पांचवें मामले में 15 फरवरी को फैसला आ रहा है।
तारीख के आईने में चारा घोटाले की तस्वीर कुछ ऐसी है
● 11 मार्च 1996-पटना हाइकोर्ट ने चारा घोटाले की जांच सीबीआई से कराने का आदेश दिया
● 19 मार्च 1996-सुप्रीम कोर्ट ने हाइकोर्ट से सीबीआइ जांच की मॉनिटरिंग करने को कहा।
● छह जनवरी 1997-सीबीआइ ने उस समय के मुख्यमंत्री लालू प्रसाद से पहली बार साढ़े छह घंटे तक पूछताछ की।
● 10 मई 1997-सीबीआइ ने सरकार से लालू समेत अन्य के खिलाफ अभियोजन चलाने की मंजूरी मांगी
● 17 जून 1997-अभियोजन चलाने की मंजूरी मिली
● 23 जून 1997-आरसी 20 ए में लालू समेत 56 के खिलाफ चार्जशीट दाखिल
● 24 जुलाई 1997-पटना हाइकोर्ट ने लालू की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज किया
● 25 जुलाई-1997-विशेष न्यायाधीश एसके लाल की अदालत से वारंट जारी, लालू का सीए पद से इस्तीफा
● 30 जुलाई 1997-लालू का सरेंडर, भेजे गये जेल
● 30 अगस्त 1997-सीबीआइ ने लालू के खिलाफ 64 ए में आरोप पत्र दाखिल करने की अनुमति मांगी
● 29 अक्तूबर 1997-90 दिन के भीतर आरोप पत्र दाखिल नहीं होने के कारण आरसी 38 और 47 में जमानत
● 11 दिसंबर 1997-134 दिन जेल में रहने के बाद रिहा
● 12 मई 1998-तत्कालीन राज्यपाल एसएस भंडारी ने 64 ए में लालू के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति दी
● 19 अगस्त 1998-आय से अधिक संपत्ति मामले पांच में प्राथमिकी दर्ज
● 21 अगस्त 1998-लालू के विभिन्न ठिकानों पर सीबीआई का छापा
● 21 अक्तूबर 1998-डीए केस में पूछताछ
● 28 अक्तूबर 1998-लालू का सरेंडर, भेजे गये जेल
● आठ जनवरी 1999-73 दिन जेल में रहने के बाद रिहा
● 20-27 मई 1999-तत्कालीन मुख्यमंत्री राबड़ी देवी से पूछताछ
● आठ मार्च 2000-तत्कालीन राज्यपाल विनोद चंद्र पांडेय ने पांच ए में मुकदमा चलाने की अनुमति दी
● चार अप्रैल 2000-डीए केस में लालू राबड़ी पर आरोप पत्र दाखिल, गिरफ्तारी वारंट जारी
● 26 नवंबर तक रांची के कोर्ट में सरेंडर करने का दिया निर्देश
● 26 नवंबर 2001-लालू का रांची न्यायालय में सरेंडर कैंप जेल में रहे
● 23 जनवरी 2002-59 दिनों के बाद विशेष न्यायालय से जमानत, रिहा
● 18 सितंबर 2006-लालू और राबड़ी डीए केस में आरोप मुक्त
● एक मार्च 2012-लालू समेत 31 के खिलाफ 63 ए में आरोप पत्र दाखिल
● 13 अगस्त 2013-आरसी 20 ए की सुनवाई कर रहे जज को बदलने की मांग सुप्रीम कोर्ट में खारिज
● 17 सितंबर-2013-सभी पक्षों की ओर से बहस पूरी
● 30 सितंबर 2013-लालू समेत 45 दोषी करार
● तीन अक्तूबर 2013-वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सजा की अवधि पर फैसला
● दिसंबर, 2013: सुप्रीम कोर्ट ने लालू को जमानत दी।
● मई, 2017: सुप्रीम कोर्ट के आठ मई के आदेश के बाद सुनवाई दोबारा शुरू हुई। सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत से देवघर कोषागार से
अवैध निकासी मामले में उनके खिलाफ अलग से मुकदमा चलाने को कहा।
● 23 दिसंबर, 2017: सीबीआई की विशेष अदालत ने लालू और 15 अन्य को दोषी करार दिया।
● छह जनवरी, 2018: सीबीआइ की विशेष अदालत ने साढ़े तीन साल की सुनाई सजा।
● 24 जनवरी 2018: सीबीआइ कोर्ट से चारा कांड संख्या आरसी 68ए/96 मे दोषी पाकर पांच साल कैद की सजा सुनाई।
● 19 मार्च 2018 : सीबीआइ कोर्ट ने चारा कांड संख्या आरसी 38ए/96 में दोषी ठहराया।
● 24 मार्च 2018 : दुमका ट्रेजरी मामले में लालू प्रसाद को दो अलग-अलग धाराओं में सात-सात साल की सजा। लेकिन दोनों सजाएं
अलग-अलग चलेगी। अर्थात् 14 साल की सजा हुई।
● 11 मई 2018: लालू को तीनों मामलों में औपबंधिक जमानत
● 30 अगस्त 2018 : लालू ने किया सरेंडर
● 9 अक्तूबर 2020 : लालू को चाईबासा कोषागार मामले में जमानत मिली।
● 17 अप्रैल 2021 : मिली जमानत, तीन साल चार महीने बाद राहत की सास ली।
● 30 अप्रैल 2021 : अधिवक्ताओं के कार्य नहीं करने से जेल से निकलने में लगा समय।