CBSE : सीबीएसई 10वीं 12वीं का नया सिलेबस जारी,2 बार परीक्षा, ग्रेडिंग सिस्टम, जानें क्या हुए बदलाव
- CBSE 10th 12th syllabus : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए कक्षा 9वीं से 12वीं तक का अपडेटेड सिलेबस जारी कर दिया है।

CBSE 10th 12th syllabus : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए कक्षा 9वीं से 12वीं तक का अपडेटेड सिलेबस जारी कर दिया है। बोर्ड ने 2025-26 शैक्षणिक सत्र के लिए पाठ्यक्रम में बड़े बदलाव किए हैं। सीबीएसई ने सभी संबंद्ध स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि सभी विषयों की पढ़ाई नए सिलेबस व अपडेटेड गाइडलाइंस के मुताबिक ही कराई जाए। नए सिलेबस में नई शिक्षा नीति के मद्देनजर एजुकेशन को प्रोजेक्ट बेस्ड, इंक्वायरी ड्रिवन व टेक्नोलॉजी इनेबल्ड किए जाने पर जोर दिया गया है। cbseacademic.nic.in पर जाकर 9वीं, 10वीं, 11वीं 12वीं के नए सिलेबस देखे जा सकते हैं। रिवाइज्ड करिकुलम में सब्जेक्ट सिलेबस, परीक्षा का स्ट्रक्चर, सीखने के उद्देश्य और टीचिंग स्ट्रेटजी शामिल हैं जिनका कमसद छात्रों की सहभागिता और समझ को बढ़ाना है। अब अनुभवात्मक शिक्षा, प्रोजेक्ट आधारित असाइनमेंट और प्रौद्योगिकी सक्षम शिक्षा को एकाकृत किया गया है। योग्यता आधारित और विश्लेषणात्मक प्रश्नों पर अधिक जोर दिया गया है।
सीबीएसई 10वीं बोर्ड परीक्षा साल में 2 बार, जबकि 12वीं की एक बार
वर्ष 2025-26 सत्र में सीबीएसई दसवीं की बोर्ड परीक्षा दो बार होगी- फरवरी और अप्रैल। छात्र साल में केवल एक बार परीक्षा दें, दोनों परीक्षाओं में भी शामिल हो सकते हैंहालांकि कक्षा 12वीं की परीक्षा साल में एक बार आयोजित की जाएगी। बोर्ड ने यह भी घोषणा की है कि 12वीं की परीक्षा अगले साल 17 फरवरी 2026 से शुरू होंगे। 10वीं के छात्रों के पास तीन विकल्प रहेंगे।
पासिंग क्राइटेरिया बदला- सीबीएसई 10वीं, 12वीं में पास होने का संशोधित नियम
सीबीएसई ने कक्षा 10, 12 के लिए पासिंग क्राइटेरिया में बदलाव किया है। सीबीएसई कक्षा 10वीं में यदि कोई छात्र विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान में फेल होता है तो वे इसे स्किल विषय या ऑप्शनल भाषा विषय के साथ बदल सकते हैं। यानी अनिवार्य विषयों का अंक भी छठे विषय से अब रीप्लेस हो सकेगा। सीबीएसई ने 9वीं से 12वीं तक के पाठ्यक्रमों में यह बदलाव किया है।
- सीबीएसई ने मूल्यांकन में अधिक पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया में सुधार किया है।
- प्रोजेक्ट बेस्ड शिक्षा: छात्रों को प्रोब्लम सोल्विंग गतिविधियों में शामिल करना ताकि वे असल जिंदगी की स्थितियों से रूबरू हों।
- इंक्वायरी ड्रिवन एजुकेशन - छात्रों का विभिन्न पहलुओं से कॉन्सेप्ट को समझना, सवाल करने और उनका विश्लेषण करने के लिए प्रेरित करके जिज्ञासा को बढ़ाना।
- टेक्नोलॉजी इंटीग्रेटेड लर्निंग - आसानी से शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए एआई, डिजिटल प्लेटफॉर्म और ई-लर्निंग संसाधनों का उपयोग करना।
कक्षा 12 में ये 4 नए स्किल सब्जेक्ट जोड़े गए
- लैंड ट्रांसपोर्ट एसोसिएट
- इलेक्ट्रॉनिक्स एंड हार्डवेयर
- फिजिकल एक्टिविटी ट्रेनर
- डिजाइन थिंकिंग और इनोवेशन
- दसवीं और बारहवीं का सिलेबस 9 बिन्दु ग्रेडिंग सिस्टम पर आधारित होगा। इसके इस्तेमाल से मूल्यांकन किया जाएगा।
- पहले की तरह दोनों ही कक्षाओं के लिए पासिंग अंक 33 प्रतिशत होगा। छात्रों को थ्योरी पेपर में 33 प्रतिशत अंक लाने होंगे।
- सीबीएसई कक्षा 10वीं में अंकों के अनुरूप ही 9 पॉइंट ग्रेडिंग सिस्टम के आधार पर ग्रेड दिए जाएंगे। 12वीं में भी 9 पॉइंट ग्रेडिंग सिस्टम लागू होगा।
- सीबीएसई 10वीं में सभी विषयों की परीक्षा 80 नंबरों की होगी। अनिवार्य विषयों में 20 अंकों का इंटरनल असेसमेटं होगा।
- सीबीएसई ने कहा कि तीन विषयों - कंप्यूटर एप्लीकेशन (कोड 165), सूचना प्रौद्योगिकी (कोड 402) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (कोड 417) में से केवल एक ही किया जा सकता है। छात्रों को कक्षा 9 या 10 में दो भाषाओं में से एक के रूप में अंग्रेजी या हिंदी चुनना आवश्यक है। यदि कोई छात्र तीन विषयों - विज्ञान, गणित और सामाजिक विज्ञान, या किसी भाषा के पेपर में फेल हो जाता है, लेकिन स्किल विषय या छठे वैकल्पिक विषय के रूप में चुने गए भाषा के पेपर में पास होता है, तो परिणाम की गणना के लिए स्किल या भाषा विषय द्वारा विषय को बदल दिया जाएगा।