कंगना रनौत की तरफ से सुप्रीम कोर्ट की वकील पहुंची, वकालतनामा दाखिल, जवाब के लिए मांगा समय
अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत की तरफ से सुप्रीम कोर्ट की वकील अनसूया चौथरी आगरा की अदालत में पहुंची और वकालतनामा दाखिल किया है। इसके साथ ही जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 18 को होगी।

भाजपा सांसद और फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत के मामले में गुरुवार को अदालत में उनकी ओर से अधिवक्ता अनसूया चौधरी ने वकालतनामा दाखिल किया। जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा। अनसूया चौधरी सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता हैं। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 18 मार्च नियत की है। वहीं, थाना न्यू आगरा के प्रभारी निरीक्षक धर्मेन्द्र सिंह भाटी ने कोर्ट में रिपोर्ट प्रस्तुत कर कहा कि धारा 225(1) के तहत जांच मेरे द्वारा कराई गई। जिसमें वादी पक्ष द्वारा अपना पक्ष प्रस्तुत किया गया जो संलग्न है, लेकिन प्रतिवादी पक्ष के अधिवक्ता से दिल्ली में जाकर वार्ता की गई तो अपना पक्ष प्रस्तुत करने के लिए समय मांगा है। अभी तक अपना पक्ष/बयान प्रस्तुत नहीं किया है।
वरिष्ठ अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने 11 सितंबर को कंगना रनौत के खिलाफ परिवाद प्रस्तुत किया था। आरोप लगाया गया कि हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा क्षेत्र से सांसद कंगना रनौत ने 26 अगस्त 2024 को एक बयान में किसानों के बारे में अपमानजनक टिप्पणी की थी, जो उनके और लाखों किसानों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली थी।
इस मामले में सांसद कंगना रनौत को अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी किए गए थे। जो कि उनके दिल्ली और हिमाचल प्रदेश के पते पर भेजे गए थे। शुक्रवार को कंगना की ओर से अधिवक्ता अनसूया चौधरी ने अपना वकालतनामा प्रस्तुत कर जवाब दाखिल को समय मांगा।
कंगना ने क्या कहा था
वादी अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा का कहना है कि बीजेपी सांसद और फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत ने किसान आंदोलन के दौरान किसानों को बलात्कारी, अलगाववादी और हत्यारा कहा था। इसके साथ ही उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के खिलाफ भी आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। कंगना रनौत ने 1947 में मिली आजादी को भीख का कटोरा बताया था। इससे देश के स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों के बलिदान का अपमान हुआ है। कहा कि उनके इन बयानों से उन्हें गहरा आघात पहुंचा, जिसके चलते उन्होंने आगरा न्यायालय में मामला दर्ज कराया।