सौरव गांगुली को जिनके समर्थन से मिली थी कुर्सी, उनसे क्यों बिगड़ी? क्या है इनसाइड स्टोरी
सौरव गांगुली बीसीसीआई के पहले ऐसे अध्यक्ष थे, जो खुद खिलाड़ी रह चुके थे। उनकी एंट्री के बाद यह उम्मीद जगी थी कि एक खिलाड़ी के खेल प्रशासक बनने के बाद चीजें बदलेंगी। लेकिन उनकी ही कुर्सी चली गई।

सौरव गांगुली बीसीसीआई के पहले ऐसे अध्यक्ष थे, जो खुद खिलाड़ी रह चुके थे। उनकी एंट्री के बाद यह उम्मीद जगी थी कि एक खिलाड़ी के खेल प्रशासक बनने के बाद चीजें बदलेंगी। सौरव गांगुली ने अपनी तेजतर्रार छवि के अनुरूप काम करने का प्रयास भी किया, लेकिन यह तेजी ही शायद उनके खिलाफ चली गई। बीसीसीआई अध्यक्ष के तौर पर उनका कार्यकाल समाप्त हो रहा है और उन्हें विस्तार नहीं मिला है। इसे लेकर तमाम तरह के कयास लग रहे हैं और कोई भी खुलकर कुछ नहीं बोल रहा है। लेकिन चर्चाएं हैं कि विराट कोहली से खुलेआम मतभेद के चलते उनकी छवि खराब हुई और बीसीसीआई में इसे गलत माना गया। उन्हें जय शाह और एन. श्रीनिवासन गुट के चलते जगह मिली थी, लेकिन कामकाज के चलते इन लोगों से ही गांगुली के मतभेद होने की खबर है।
इसके अलावा सेलेक्शन कमिटी की बैठकों में शामिल होने के आरोपों से भी उनकी छवि प्रभावित हुई है। इस बीच बीसीसीआई ने उनके स्थान पर कर्नाटक क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष रहे रोजर बिन्नी को मौका देने का फैसला लिया है। उन्होंने अथ्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल कर दिया है और 18 अक्टूबर को बीसीसीआई की आम सभा की बैठक होने वाली है। उसमें रोजर बिन्नी का चुना जाना तय माना जा रहा है। इसके अलावा राजीव शुक्ला उपाध्यक्ष बने रहेंगे और कोषाध्यक्ष के तौर पर भाजपा नेता और मुंबई के अध्यक्ष आशीष शेलार को मौका मिलने वाला है।
गांगुली के भविष्य पर कयास, ICC अध्यक्ष बनेंगे या नहीं!
इस बीच सौरव गांगुली के भविष्य को लेकर भी कयास लग रहे हैं। कई दिनों से चर्चाएं थीं कि उन्हें बीसीसीआई के अध्यक्ष पद की बजाय आईसीसी का प्रेजिडेंट का चुनाव लड़ाया जा सकता है। लेकिन अब जानकारी सामने आई है कि बीसीसीआई की ओर से उन्हें आईसीसी अध्यक्ष बनाने पर भी विचार नहीं चल रहा है। हालांकि अभी आईसीसी अध्यक्ष पद के नामांकन के लिए वक्त बचा है और वह 20 अक्टूबर तक पर्चा दाखिल कर सकते हैं। फिर भी उन्हें मौका मिलना मुश्किल है। बीसीसीआई सूत्रों ने इससे साफ इनकार किया है। वहीं जय शाह सचिव पद पर बने रहने वाले हैं और राजीव शुक्ला भी उपाध्यक्ष बने रहेंगे।
टीएमसी ने खेल दिया बंगाल कार्ड, सीधे जय शाह पर निशाना
बीसीसीआई में चल रही उठापटक पर राजनीति भी शुरू हो गई है। गांगुली बंगाल से आते हैं और इसे भुनाते हुए टीएमसी ने भाजपा पर हमला बोला है। टीएमसी ने कहा कि यदि अमित शाह के बेटे को लगातार दूसरी बार मौका मिल सकता है तो सौरव गांगुली क्यों नहीं पद पर बने रह सकते। इस पर भाजपा ने जवाब दिया कि टीएमसी खेलों में भी राजनीति करती है। इसीलिए आज बंगाल खेल के मामले में पिछड़ गया है, जो कभी अग्रणी राज्य हुआ करता था। बहरहाल आईपीएल चेयरमैन के तौर पर भी बदलाव होने जा रहा है। अब अरुण धूमल आईपीएल के चेयरमैन होंगे, जो खेल मंत्री अनुराग ठाकुर के छोटे भाई हैं।
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