बिहार में बिजली कंपनियां 3 साल में 4000 पदों पर करेंगी भर्तियां, इंजीनियरों की भी बहाली
- बहाली को लेकर वितरण कंपनियों ने बिहार विद्युत विनियामक आयोग को जानकारी दी है। विनियामक आयोग के अनुसार, साउथ बिहार कंपनी में अभी 5488 कर्मी हैं। इस वर्ष 1400 पदों पर बहाली होगी। 134 कर्मी रिटायर होंगे। इस तरह कुल कर्मियों की संख्या 6754 हो जाएगी।

बिहार में बिजली कंपनियों ने चार हजार पदों पर बहाली करने का निर्णय लिया है। इसमें साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड में 2200 तो नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड में 1800 पदों पर बहाली होगी। अगले तीन वर्षों में कंपनी इंजीनियर सहित अन्य पदों पर बहाली की प्रक्रिया पूरी करेगी। मौजूदा वित्तीय वर्ष 2025-26 में ही लगभग ढाई हजार पदों पर बहाली होगी। इस बहाली के बाद कंपनी में 13 हजार से अधिक कर्मी हो जाएंगे।
बहाली को लेकर वितरण कंपनियों ने बिहार विद्युत विनियामक आयोग को जानकारी दी है। विनियामक आयोग के अनुसार, साउथ बिहार कंपनी में अभी 5488 कर्मी हैं। इस वर्ष 1400 पदों पर बहाली होगी। 134 कर्मी रिटायर होंगे। इस तरह कुल कर्मियों की संख्या 6754 हो जाएगी। अगले वर्ष 420 पदों पर बहाली होगी और 119 कर्मी रिटायर हो जाएंगे। तीसरे वर्ष 380 पदों पर बहाली होगी और 107 कर्मी रिटायर हो जाएंगे।
इस तरह कुल कर्मियों की संख्या 7328 हो जाएगी। इसी तरह नॉर्थ बिहार कंपनी में अभी 4029 कर्मी हैं। 1170 पदों पर इसी साल बहाली होगी और 54 कर्मी रिटायर होंगे। कुल कर्मी 5145 हो जाएंगे। अगले साल 329 पदों पर बहाली होगी और 56 कर्मी रिटायर होंगे। कुल कर्मी 5418 हो जाएंगे।
हर साल बढ़ रही उपभोक्ताओं की संख्या
बिहार में हर साल औसतन छह लाख बिजली उपभोक्ताओं की संख्या बढ़ रही है। अभी बिहार में 2 करोड़ 12 लाख से अधिक बिजली उपभोक्ता हैं। मौजूदा वित्तीय वर्ष के अंत यानी मार्च 26 तक बिजली उपभोक्ताओं की संख्या 2 करोड़ 18 लाख से अधिक हो सकती है। मार्च 27 तक इसमें छह लाख और वृद्धि होनी तय मानी जा रही है। मार्च 2028 तक कुल उपभोक्ताओं की संख्या दो करोड़ 30 लाख से अधिक होने के अनुमान हैं।
उपभोक्ताओं की संख्या बढ़ने के कारण हर साल औसतन 700 मेगावाट बिजली की खपत में वृद्धि हो रही है। उपभोक्ताओं की संख्या में वृद्धि को देखते हुए ही कंपनी ने कर्मियों की संख्या में भी वृद्धि करने का निर्णय लिया है ताकि लोगों को बिना किसी परेशानी के गुणवत्तापूर्ण बिजली मिल सके।ॉ